राष्ट्रीयमहंगाई की मार झेलता आम आदमी

महंगाई की मार झेलता आम आदमी

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महंगाई हर बार भारत देश का एक अहम मुद्दा रहा हैं, इसलिए क्योंकि 130 करोड़ से ज्यादा आबादी वाला भारत देश सबसे ताक़तवर हैं और यहाँ हर प्रकार के लोग रहते हैं चाहे वो हिन्दू हो, मुस्लिम हो, सिख या ईसाई पर महंगाई हमेशा सब धर्मो को बड़े बुजुर्गों को, हम उम्र लोगों को या नौजवानों को अंदर से झकझोरती आ रही है। महंगाई की मार इतनी ज्यादा दर्दनाक होती हैं कि इसे हर इंसान बर्दाश्त नहीं कर पाता है। आम आदमी हमेशा से महंगाई से परेशान रहा हैं।

पर यह महंगाई इतनी बढ़ कैसे जाती हैं इसका जवाब अर्थशास्त्री ही दे सकते हैं लेकिन हमेशा इस तकलीफ़ में आम आदमी ही संघर्ष करता हैं। हम 21वी सदी में जी रहे हैं और आधुनिक सुविधाओं ने हम्हे इतना ज्यादा आगे बड़ा दिया हैं कि उसके चलते महंगाई भी बढ़ गयी हैं। हर चीज़ नए ज़माने से लैस हैं और आज भी भारत देश विदेशों से एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट करता हैं फिर भी कई हद तक भारत में चीज़े बनना शुरू हो गयी हैं पर बाहर से चीज़े खरीदने के कारण उसपे टैक्स देने की वजह से हमेशा भारत देश में महंगाई बढ़ जाती हैं और इसका नुकसान ग़रीबों और आम आदमी को होता हैं।

सरकारें सदियों से महंगाई पे अंकुश लगाने का जी तोड़ प्रयास करती आ रही हैं, पर कोई यह नहीं सोचता कि सरकार किसी गलत मंशा से महंगाई नहीं बढ़ाती इसमें आधुनिक जीवनशैली को अपनाने से लेकर नयी तकनीक और बाहर से चीज़े खरीदने तक शामिल हैं। इसी वजह से महंगाई हमेशा से तकलीफ़ आम आदमी को देती आ रही हैं।

भारत की खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर 2020 में अपने साढ़े छह साल के सबसे ऊँचे स्तर 7.6% तक पहुंच गई थी

खाद्य मुद्रास्फीति दो अंकों में दर्ज की गई है. प्रोटीन आधारित सामान जैसे अंडे, माँस व मछली, तेल, सब्जियों और दालों की क़ीमतों के कारण महंगाई बढ़कर 11.07 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी, आलू की क़ीमतों में पिछले महीने के 103 प्रतिशत के मुकाबले 105.56 प्रतिशत की सबसे तेज़ वृद्धि हुई है।

यहीं सब प्रमुख कारण हैं जिससे महंगाई आसमान छू रही हैं, यही नहीं पेट्रोल और डीजल पे टैक्स बढ़ाने से लेकर lockdown में घर पे काम करने की वजह भी महंगाई के प्रमुख़ कारण। इन सबसे सीधा असर आम आदमी और बेरोजगारों पे पढ़ रहा हैं। हो सकता हैं कि हमारा देश तरक़्क़ी कर रहा हैं कुछ कठिन फ़ैसलों से हम एक मजबूत देश बन के उभर सके परंतु जब हमारा आज ही ख़राब जो जाएगा, तो कल के बारे में सोच के हम क्या करेंगे।

इस लेख के जरिए, मैं भारत सरकार से बस इतनी सी गुज़ारिश करना चाहता हूँ कि कृपया जल्द से जल्द इस महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी और बेरोजगारों को राहत दे। साथ ही मैं भारत देश के लोगों से भी यह कहना चाहूँगा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करे, यह देश गौरवशाली लोगों से भरपूर हैं यहाँ हर किसी इंसान के अंदर एक कला हैं उस कला को बाहर निकाल के भारत को आत्मनिर्भर बनाये ताकि हम विदेशों से चीज़े ना खरीद कर अपने देश पे बना सके और दूसरे देशों को एक्सपोर्ट करे।

महंगाई एक ऐसा दीमक हैं जो धीरेधीरे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाता हैं, इसको जितनी जल्दी रोक सके उतना अच्छा हैं। भारत के लोग इससे काफी परेशान हैं और मैं उम्मीद करता हूँ कि जल्दी महंगाई पे भारत सरकार काबू पा लेगी और फिर से अर्थव्यवस्था पटरी पे लौटेगी।

जय हिन्द जय भारत

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