बंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेदीवाला ने यह माना कि अपराध 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ घटित हुआ है इसलिए यह दंडनीय है. जस्टिस पुष्पा ने 50 साल के आरोपी को पांच साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी है. जुर्माना ना भरने की स्थिति में छह माह के साधारण कारावास की सजा होगी.
यह मामला लेकर कोर्ट की शरण में लड़की की मां आयी थीं और उन्होंने शिकायत दर्ज करायी थी. यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया है, ताकि बचपन सुरक्षित रहे. गौरतलब है कि जस्टिस पुष्पा का एक और फैसला हाल में ही काफी चर्चित रहा था जिसमें उन्होंने यह कहा है कि स्किन टु स्किन टच के बिना किया गया यौन हमला पॉक्सो एक्ट के तहत नहीं आयेगा. इस मामले में दिये गये फैसले पर 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी और आरोपी को बरी करने का आदेश भी स्थगित कर दिया था.

