राष्ट्रीयक्राइम मिनिमाइजेशन के लिए करती है टोटका… , तो क्या अंधविश्वासी है...

क्राइम मिनिमाइजेशन के लिए करती है टोटका… , तो क्या अंधविश्वासी है कानपुर पुलिस

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कानपुर, 21वीं सदी की कानपुर की हाईटेक पुलिस भी शायद अंधविश्वासी है। क्राइम मिनिमाइजेशन के लिए पुलिस भी टोटका करने से नहीं चूकती है। नववर्ष की शुरुआत गुडवर्क से करने के लिए सभी हथकंडे अपनाती है। पुलिस का भी मानना है कि अगर साल का आगाज बेहतर होगा तो आगे के दिन भी अच्छे ही रहेंगे।

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21वीं सदी की हाईटेक पुलिस भी टोना टोटका पर विश्वास करती है। प्रदेश के ज्यादातर थानों में नववर्ष के पहले दिन गुड वर्क का मुकदमा दर्ज करने की परंपरा चली आ रही है। कानपुर में पहले दिन 19 थानों में आबकारी और एनडीपीएस एक्ट में रिपोर्ट लिखी गई।
कानपुर की पुलिस साल का पहला मुकदमा गुड वर्क में दर्ज करती है और इस साल भी ऐसा ही किया है। साल के पहले दिन 22 में 19 थाने ऐसे थे जहां पहला मुकदमा गुड वर्क में दर्ज हुआ है। कानपुर ही नहीं प्रदेश के ज्यादातर जिलों के थानों में वर्ष का पहला मुकदमा गुड वर्क में ही दर्ज कराने की परंपरा चली आ रही है। अगर साल के आंकड़ों पर गौर करें तो पहली जनवरी को सबसे ज्यादा आबकारी अधिनियम के मुकदमे ही दर्ज होते हैं।

कानपुर में 1 जनवरी को घाटमपुर, छावनी, बिधनू, नरवल, मूलगंज, रायपुरवा, सचेंडी, कल्याणपुर, कर्नलगंज, कलेक्टर गंज और शिवराजपुर में 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। इसी तरह चमनगंज, बेगमगंज और बर्रा में पहला मुकदमा एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ। जूही चकेरी बाबू पुरवा और नौबस्ता में साल का पहला मुकदमा गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हुआ है। पनकी में शस्त्र अधिनियम में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि तीन थाने अपवाद भी हैं, इसमें काकादेव और कोहना में सड़क दुर्घटना के मामले में पहली एफआईआर लिखी गई है। महाराजपुर में मारपीट और रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ है।

आंकड़ों की जुबानी 1 जनवरी को दर्ज मुकदमे

इस बार पहली जनवरी को एनडीपीएस एक्ट के 3 और आबकारी अधिनियम के 16 मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2018 में आबकारी अधिनियम के 647, वर्ष 2019 में 1059 और 2020 में 930 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसी तरह एनडीपीएस एक्ट में वर्ष 2018 में 362, वर्ष 2019 में 359 और 2020 में 335 मुकदमे दर्ज हुए थे।

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