लुधियाना, स्टील के दामों में आए उछाल ने हर सेक्टर का हाल बेहाल कर दिया है। इन दिनों पंजाब का 800 कंपनियों वाला फाउंडरी उद्योग बंदी की कगार पर है। इसकी मुख्य वजह फाउंडरी उद्योग के मुख्य कच्चे माल स्क्रैप और पिक आयरन के दामों में आ रहा जबरदस्त उछाल है। इन उत्पादो के दामों में पिछले छह महीनों में पांच से आठ हजार रुपये प्रति टन का इजाफा हो चुका है।
इसकी मुख्य वजह किसान आंदोलन के चलते पंजाब में स्क्रैप न आ पाना और शार्टेज क्रिएट होने से दामों में लगातार हुआ इजाफा है। ऐसे में अगर यह स्थिति न सुधरी तो फाउंडरी उद्योगों को प्रोडक्शन को भी बंद करना पड़ सकता है। इसके साथ ही अभी से कई कंपनियों ने कच्चे माल की शार्टेज के चलते प्रोडक्शन को कम कर दिया है।
कई उत्पादों के पार्टस का निर्माण हो सकता है प्रभावित
फाउंडरी में लोहे को कोयले एवं बिजली की भट्ठी में मैल्ट कर सांचे के माध्यम से उत्पादों का निर्माण किया जाता है। इसमें सिलाई मशीन, एग्रीकल्चर पार्टस. मशीन टूल, इंजीनियरिंग गुड्स, कंबाइन, ट्रैक्टर पार्टस, आटो पार्टस शामिल हैं। फाइंडरी इंडस्ट्री के प्रभावित होने से इस उत्पादों के निर्माण पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि कई ऐसे उत्पाद है, जो फाउंडरी के माध्यम से ही बनाए जा सकते हैं।
क्या कहते है उद्यमी
लुधियाना फाउंडरी कलस्टर के प्रधान यशपाल गौसाई के मुताबिक इस समय फाउंडरी बेहद कठिन दौर से गुजर रही है। इस समय हमें अपने पुराने आर्डर भुगताने मुश्किल हो रहे हैं। इसके साथ ही स्टील के दामों में इजाफे के साथ साथ मैटीरियल की उपलब्धता कम होने से प्रोडक्शन नहीं हो पा रही। अगर मटीरियल पूरा नहीं मिलेगा और दाम अधिक होंगे, तो हमारे पास प्रोडक्शन को कम करने और प्रोडक्शन को बंद करने के सिवा कोई चारा नहीं।

