लखनऊ, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का दीक्षा समारोह सोमवार को होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे। वह वर्चुअल छात्रों-शिक्षकों को संबोधित करेंगे। वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। टॉपर्स समेत कुल 46 लोगों को 86 अवॉर्ड मिलेंगे। इसमें किसान के बेटे को बेस्ट वर्क का गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा।
केजीएमयू 21 दिसंबर को 16वां दीक्षा समारोह मनाने जा रहा है। वहीं, 22 दिसंबर को 115वां स्थापना दिवस होगा। दीक्षा समारोह में यूजी, पीजी व सुपरस्पेशयलिटी कोर्स के टॉपर्स को मेडल पहनाया जाएगा। वहीं शेष मेडल स्थापना दिवस पर दिए जाएंगे। रविवार को कन्वेंशन सेंटर में शिक्षक-अफसरों ने कार्यक्रम का रिहसर्ल किया। सुबह 11 बजे से होने वाले समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदी बेन पटेल करेंगी। विशिष्ट अतिथि चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना रहेंगे। इस दौरान मेधावियों को कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखना होगा। हॉल में शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। साथ ही प्रवेश के वक्त थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। संदिग्ध लक्ष्रण वाले मेधावी को प्रवेश नहीं मिलेगा। एमबीबीएस में ऑल ओवर टॉपर नितिन भारती रहे। वहीं, दूसरे स्थान पर आकांक्षा व तीसरे स्थान पर अंजली सिंघल रहीं। उधर, बीडीएस में अंजली मल्ल ने सर्वोच्च अंक हासिल किए हैं। समारोह में 46 लोगों को मेडल, बुक प्राइज, सर्टीफिकेट अवॉर्ड दिए जाएंगे। इस दौरान कुल 86 अवॉर्ड बांटे जाएंगे होंगे। इसमें 73 मेडल होंगे, शेष बुक व कैश प्राइज होंगे। मेडल में 70 गोल्ड मेडल होंगे। तीन सिल्वर मेडल प्रदान किए जाएंगे। स्थापना दिवस के मेडल सूची दूसरी जारी की जाएगी। वहीं फाउंडेशन डे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि वर्चुअल शामिल होंगे।
पहाड़ों के दुर्गम इलाकों में लगाएंगे कैंप
देहरादून निवासी दीपा अग्रवाल ने एमडी रेडियोथेरेपी में टॉप किया है। उन्हें गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा। दीपा के पिता आर्मी से रिटायर्ड हैं। मां गृहणी हैं। वह परिवार की पहली डॉक्टर हैं। दीपा ने कहा कि पहाड़ों पर ओरल कैंसर, फेफड़े का कैंसर काफी है। मगर, लोगों में जागरूकता का अभाव है। ऐसे में वह उत्तराखंड में जाकर कैंसर का इलाज करेंगी। साथ ही दुर्गम इलाकों में कैंप लगाकर कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। समय पर इलाज कराने से कैंसर को हराया जा सका है। इसके प्रति घबराना नहीं है। बीमारी छिपाने से बढ़ती है।
किसान का बेटा बना डॉक्टर
जौनपुर के परसूपुर निवासी डॉ. नीरज वर्मा को मेडिसिन विभाग में बेस्ट वर्क के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किया गया है। उनके पिता लाल मदन चंद किसान हैं। वहीं मां मनोरमा गृहणी हैं। नीरज के मुताबिक गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा पांच तक पढ़ाई की। यहां नीम के पेड़ के नीचे क्लास चलती थी। 10वीं, 12वीं की पढ़ाई लखनऊ आकर की। बचपन से डॉक्टर बनने का सपना पाले नीरज ने केजीएमयू से ही एमबीबीएस किया। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में दो वर्ष नौकरी की। अब एमडी भी केजीएमयू से पास कर ली है। वर्तमान में अमेठी में कोविड अस्पताल का आइसीयू संभाल रहे हैं।

