गोरखपुर, प्रेक्षागृह के लिए रंगकर्मियों के तीन दशक से भी अधिक समय के संघर्ष को जनवरी के दूसरे सप्ताह में विराम मिल जाएगा। 50 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े तीन एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रामगढ़ताल के सामने बने इस प्रेक्षागृह को 12 जनवरी या उससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लोकार्पित कराने की तैयारी है। लोकार्पण के लिए प्रयास तेज करने की वजह है 12-13 जनवरी को होने वाला गोरखपुर महोत्सव, जिसके सभी रंगारंग कार्यक्रम इसी प्रेक्षागृह में प्रस्तावित हैं।
प्रेक्षागृह में प्रस्तावित हैं महोत्सव के सभी रंगारंग कार्यक्रम
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने निर्माणधीन प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को महोत्सव में पहले निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस अत्याधुनिक प्रेक्षागृह में मनोरंजन का मुकम्मल इंतजाम किया जाएगा। इसमें रंगकर्म और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए दो स्तरीय हाल बनाए गए है। बड़ी प्रस्तुतियों के लिए एक बड़ा हाल बनाया गया है, जिसमें 1076 दर्शकों के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। इस हाल की दर्शक दीर्घा दो तल में बनाई गई है। भूतल पर 675 तो बालकनी में 401 दर्शक बैठकर प्रस्तुतियों का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके अलावा छोटी प्रस्तुतियों के लिए 250 दर्शकों की क्षमता वाला एक अन्य हाल भी तैयार किया गया है। प्रेक्षागृह परिसर में एक लाइब्रेरी भी बनाई जा रही है, जिससे किताब पढऩे के शौकीन अपना यह शौक यहां पूरा कर सकें। दर्शकों की सुविधा के लिए मैकेनाइज्ड कार पार्किंग और कैफेटेरिया की व्यवस्था भी की जा रही है।
वातानुकूलित बड़ा हाल, वातानुकूलित छोटा हाल, एक वातानुकूलित प्रदर्शनी हाल, वातानुकूलित लाइब्रेरी, वातानुकूलित मीडिया सेंटर, वातानुकूलित कान्फ्रेंस हाल, कैफेटेरिया और मेकेनाइज्ड कार पार्किंग का निर्माण हो चुका है। राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उपनिदेशक डा. मनोज कुमार गौतम का कहना है कि गोरखपुर महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अत्याधुनिक प्रेक्षागृह बनकर लगभग तैयार है। कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द उसे लोकार्पण की स्थिति में लाने का निर्देश दे दिया गया है।

