रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
अमेठी।एसोसिएशन ऑफ टैक्स पेयर्स एंड प्रोफेशनल (नेशनल फोरम) का प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर/राज्यकर अमृता सोनी एवं अपर मुख्य सचिव (टैक्स) आलोक सिंहा आईएएस से उनके कार्यालय में भेटकर जीएसटी में व्यापक सुधार करने हेतु 16 पेज का ज्ञापन विस्तार से चर्चा करते हुए सौंपा गया उल्लेखनीय है कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जी से मिलने का समय मांगा था जिस के क्रम में या भेंट हुई। कमिश्नर उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर/राज्यकर के प्रातः 11:00 बजे एवं अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा से उनके कार्यालय में शाम 4:00 बजे प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर ज्ञापन सौंपा। सौपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत gstr-2 को अधिसूचित करते हुए शीघ्र ही जीएसटीएन पोर्टल पर एक्टिवेट किया जाए बताया कि gstr-2 को एक्टिवेट करने से करदाता को अपने खरीद बिलो के मिलान में सुविधा तो मिलेगी ही साथ ही मिसमैच और फेक इनवाइसिंग पर रोक लगेगी क्योंकि आज जीएसटी में मिसमैच और फेक इनवा इसिंग की बड़ी समस्या उभर कर आ रही है यदि gstr-1 और gstr-2 को सही रूप में दाखिल किया जाता है तो जीएसटीआर 3 में दोनों रिटर्न की फिगर ऑटो पॉपुलेट होकर आएंगे तो खरीददार को राहत मिलेगी साथ ही बताया कि एक्ट में gstr-3 में यह व्यवस्था है उल्लेखनीय है कि जुलाई 2017 में धारा 38 को अधिसूचित कर दिया गया था परंतु सरकार ने अक्टूबर 2017 में एक अधिसूचना जारी करते हुए अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था चर्चा में बताया कि यदि सरकार धारा 38 को पुनः स्थापित करती देती है तो विभाग पर लीगल कार्यवाही करने का खर्चा और कार्य बोझ कम होगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी साथ ही करदाता को व्यापार करने में राहत होगी।इस सुविधा पर विभाग द्वारा धारा 73 एवं धारा 74 के नोटिस करदाता को भेज रहा है उसमें भी कमी आएगी ज्ञापन में कहा कि एक्ट की धारा 44 की उपधारा 2 में की गई व्यवस्था के अनुसार वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर 9, 9a एवं 9c के अंत में एक प्रमाणीकरण किया जाता है जिसको चार्टर्ड अकाउंटेंट को प्रमाणित कराना होता है परंतु सिविल प्रोसीजर कोड धारा 139 किसी भी शपथ को प्रमाणित करने का अधिकार प्रदान करता है अतः या प्रमाणीकरण का अधिकार अधिवक्ता को मिलना चाहिए अथवा जो भी वर्षभर रिटर्न दाखिल करता रहा है उसको मिलना चाहिए।भेंट के अंत में अपर मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में शामिल सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा लेकिन अपर मुख्य सचिव जी विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही जीएसटी में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे साथ ही मुख्य सचिव महोदय ने एसोसिएशन के विचारों का स्वागत किया और कहा कि एसोसिएशन द्वारा रखे गए ऐसे विचार सराहनीय है।

