कानपुर, कुछ दिनों पहले पीएम मोदी ने देशवासियों से आत्मनिर्भर भारत को बनाने के विषय में चर्चा की थी। पीएम मोदी की उस बात को आत्मसात करते हुए सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में 11वीं के छात्र आरुष रॉय ने लिंकडन स्टीम नाम से ऐसा लिंक तैयार किया है, जिसके माध्यम से देश-दुनिया का कोई भी छात्र जुड़कर अपना स्टार्टअप शुरू कर सकता है। इसकी खासियत जानकर यकीन नहीं होगा कि यह कितना कारगर है। आरुष का कहना है, पीएम पहले भी कह चुके हैं कि नौकरी करने से बेहतर होता है नौकरी देने वाला बनना। इसलिए अगर आप खुद कुछ करते हैं तो निश्चित तौर पर उससे दूसरों की मदद कर सकेंगे। नवीन नगर काकादेव निवासी आरुष ने बताया कि इस लिंक को तैयार करने में दो माह का समय लगा है। यह एक कम्युनिटी सेंटर की तरह काम करता है।
21 देशों के 150 से ज्यादा छात्र जुड़े, नवीन विचार होते साझा
आरुष बताते हैं, कि इस लिंक से अब तक भारत के अलावा अन्य 21 देशों के 150 से अधिक छात्र-छात्राएं जुड़ चुके हैं। सभी देशों में कौन -कौन से नामचीन लोग हैं, या ऐसी शख्सियत जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद जीवन में बहुत कुछ हासिल कर लिया, कौन-कौन से नए आइडिया हैं जो बाजार को प्रभावित करते हैं, ऐसी तमाम जानकारियां एक दूसरे से रोजाना साझा होती हैं। फिर यह देखा जाता है, कि उन आइडिया पर कितने छात्र-छात्राओं ने काम करना शुरू कर दिया है।
न्यूयॉर्क अकादमी ऑफ साइंस ने किया सम्मानित
आरुष को पिछले साल न्यूयॉर्क अकादमी ऑफ साइंस ने सम्मानित किया था। अकादमी की ओर से वैश्विक स्तर पर हुई प्रतियोगिता में आरुष ने पहला स्थान हासिल किया था। आरुष ने भारत में महिलाओं व शिशुओं में कुपोषण की स्थिति को लेकर कारण व निवारण पर अपनी बात रखी थी। आरुष न्यूयॉर्क अकादमी ऑफ साइंसेस के सदस्य भी रह चुके हैं। साथ ही जब उन्हेंं सम्मान मिला था, तब उन्होंने चार दिन न्यूयॉर्क में रहकर अकादमी की गतिविधियों को भी समझा था।

