राष्ट्रीयसीएम योगी आदित्‍यनाथ : वनटांगियों के साथ गोरखपुर में मनाएंगे दिवाली

सीएम योगी आदित्‍यनाथ : वनटांगियों के साथ गोरखपुर में मनाएंगे दिवाली

[object Promise]

गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा की तरह इस बार भी वनटांगियों के साथ दिवाली मनाएंगे। वनटांगियां गांव तिनकोनिया नंबर-3 में इसे लेकर दिवाली के दिन होने वाले आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। पूरा आयोजन कोविड प्रोटोकाल के तहत सम्पन्न होगा। आयोजन में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री वनटांगियों के साथ दिवाली मनाने के लिए अयोध्या से सीधे आयोजन स्थल पहुंचेंगे। हालांकि इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं आया है लेकिन जिला प्रशासन आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है।

[object Promise]
सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में वनटांगियों के साथ दिवाली मनाएंगे। आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। पूरा आयोजन कोविड प्रोटोकाल के तहत सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री वनटांगियों के साथ दिवाली मनाने के लिए अयोध्या से सीधे आयोजन स्थल पहुंचेंगे।

आयोजन में शामिल नहीं होंगे गोरखपुर से बाहर के वनटांगिए

इस आयोजन में वनटांगिया गांव जंगल तिनकोनिया नंबर-3, रजही कैंप, रामगढ़ खाले, आमबाग और चिलबिलिया के वनटांगियों की मौजूदगी रहेगी। कोविड को देखते हुए किस गांव का प्रतिनिधित्व कितने लोग करेंगे, यह भी तय किया जाएगा। इस बार गोरखपुर के बाहर के वनटांगिए आयोजन का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। कोविड को देखते हुए उन्हें आयोजन की आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश महामंत्री ई. पीके मल्ल और उनकी टीम ने मंगलवार को आयोजन स्थल का जायजा लिया और गांव में साफ-सफाई के लिए जरूरी निर्देश दिए। प्रदेश महामंत्री ने बताया कि आयोजन में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान दिया जाएगा। साथ ही इस बात को लेकर भी सतर्कता रहेगी कि इसमें शामिल होने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क हो। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हमेशा के तरह इस बार भी गांव में होने वाले विकास कार्य का निरीक्षण भी कर सकते हैं।

2009 से चल रहा वनटांगियों संग दिवाली मनाने का सिलसिला

वनटांगियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रिश्ते का इतिहास डेढ़ दशक से भी अधिक पुराना है। मुख्यमंत्री अनवरत उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। हर वनटांगिए के घर दिवाली का दीप जले, इसके लिए वह 2009 से लगातार उनके साथ दिवाली मना रहे हैं। यह सिलसिला उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी रखा है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही उन्होंने 2017 में वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाया। इसका नतीजा है कि गांव में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसने वाले वनटांगिए आज केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित हैं।

 

Hot this week

Related Articles

Popular Categories