[Ruby_E_Template slug="time-header"]
Jansandeshonline Hindi Latest NewsJansandeshonline Hindi Latest News
Font ResizerAa
  • World
  • Travel
  • Opinion
  • Science
  • Technology
  • Fashion
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Technology
    • Opinion
    • Travel
    • Fashion
    • World
    • Science
    • Health
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » कार्टन रीसाइक्लिंग एक आकर्षक व्यवसाय बन सकता है …
बिजनेस

कार्टन रीसाइक्लिंग एक आकर्षक व्यवसाय बन सकता है …

admin
Last updated: April 18, 2026 7:58 am
admin
Share
SHARE

[object Promise]

रीसाइक्लिंग मटेरियल्स से हम न केवल कचरे को कम कर रहे हैं, बल्कि संसाधनों को बचा रहे हैं और पर्यावरण को सुरक्षित भी रख रहे हैं। लेकिन हमारे देश में आज भी 300 मिलियन टन सॉलिड वेस्ट में से करीबन 10% रिसाइकिल किया जाता है और 70% से अधिक लैंडफिल में जाता है।

रीसाइक्लिंग की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तीन प्रमुख कारकों पर एक साथ ध्यान देने की जरूरत है। कलेक्शन और रीसाइक्लिंग के लिए वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी और प्रोसेस में इनोवेशन व सर्वश्रेष्ठ प्रणालियां और आखिर में निवेश क्षमता।

Tetra Pak स्थानीय और वैश्विक हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला और ग्राहकों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करता रहा है, ताकि पैकेजिंग कलेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जा सके। भारत में Tetra Pak 4 रिसाइकिलर्स के साथ काम कर रहा है। इनमें परिवार नियंत्रित बिजनेस से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं।

डीलक्स रीसाइक्लिंग (महाराष्ट्र)

1999 से पार्टनर: 12000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग संभव

यह एक ज़ीरो वेस्ट प्रक्रिया के माध्यम से कैप्स और स्ट्रॉ सहित इस्तेमाल किए पैक को पैनल बोर्ड में बदलता है।

उपयोग: लकड़ी का बेहतर रिप्लेसमेंट – इसकी मदद से आप फर्नीचर, इंडस्ट्रियल पैलेट्स, पैसेंजर व्हीकल की सीटें, सजावटी सामान और बहुत कुछ बना सकते हैं।

खटीमा फाइबर्स (उत्तराखंड):

एक इंटीग्रेटेड रिसाइकिलर, जो दुनिया भर में कुछ में से एक है।

2009 से पार्टनर: 30,000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग संभव

यह इको-फ्रेंडली इंडस्ट्रियल पेपर्स और पॉलिमर एल्यूमीनियम पैलेट्स बनाता है

उपयोग: कागज का उपयोग हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, पार्ले, मैकडॉनल्ड्स और KFC जैसी कंपनियों द्वारा प्राथमिक और माध्यमिक पैकेजिंग के लिए किया जाता है। पॉलिमर पैलेट्स का उपयोग विभिन्न पाइप, पेन, पैलेट्स, छत टाइल, कृत्रिम फूल आदि बनाने के लिए किया जाता है।

ITC – पेपर डिवीजन (तमिलनाडु): एक अनोखी सर्कुलर साझेदारी

2016 से पार्टनर: 50,000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग संभव

 

ITC टेट्रा पैक के लिए पेपरबोर्ड का एक सप्लायर है। इस पेपरबोर्ड को Tetra Pak द्वारा पेय कार्टन्स के लिए पैकेजिंग मटेरियल्स में बदला जाता है, जिसका उपयोग ITC द्वारा अलग- अलग तरह के जूस को पैकेज करने के लिए किया जाता है। इस्तेमाल किए गए पेय कार्टन को कोयम्बटूर में ITC के पेपर मिल में वापस रिसाइकिल किया जाता है।

उपयोग: रीसाइक्लिंग से बने पेपर को प्रमुख FMCG ब्रांडों द्वारा टूथपेस्ट, चाय आदि जैसे रोजमर्रा के उत्पादों के लिए प्राथमिक और माध्यमिक पैकेज बनाने के लिए किया जाता है।

ईस्टर्न कार्गो (गुजरात)

2005 से पार्टनर: 4800 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग संभव

यह शीट बनाने के लिए पॉलिमर-एल्यूमीनियम कंपाउंड का उपयोग करता है।

एप्लीकेशन्स – स्वच्छ भारत मिशन के तहत नालीदार छत, बायो-टॉयलेट, भारतीय रेलवे के लिए शौचालय, आंगनवाड़ी स्कूलों के लिए स्कूल फर्नीचर, कम लागत वाले आवास। इनकी रीसाइक्लिंग प्रक्रिया स्वयं एक ज़ीरो वेस्ट प्रक्रिया है। रिसाइकिल के बाद जो मटेरियल मिलता है वो किसी भी बाड़े का तापमान 5-7 डिग्री तक नीचे लाती है। इस्तेमाल किए गए पेय कार्टन को नए उत्पादों में बदलकर Tetra Pak और उसके पार्टनर्स बेहतर भविष्य बनाने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में योगदान दे रहे हैं। रिसाइकिल किए हुए उत्पादों को खरीदकर या खरीदने के लिए कहकर आप भी इस बदलाव का हिस्सा बन सकते हैं।

 

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article एसपी कार्यालय में तोड़फोड़, थाने पर हमला
Next Article लगी फटकार पांड्या, मोरिस को

Recent Posts

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: सोनपुर के होटल में बर्थडे पार्टी मना रहे युवक की संदिग्ध मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
  • पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?
  • बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर
  • ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?
  • आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

Recent Comments

No comments to show.
[Ruby_E_Template slug="time-related"]
[Ruby_E_Template slug="time-footer"]
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?