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उपेंद्र कुशवाहा
कुशीनगर : जिउतिया व्रत को लेकर तैयारी बुधवार से शुरू हो गयी थी. महिलाएं नये वस्त्र,शृंगार सामग्री,पूजा सामग्री आदि की खरीदारी कर रही थी. इसको लेकर पडरौना शहर के माने जाने गुदरी बाजार में चहल-पहल बढ़ गये थे.इसके अलावा नगर से सटे सिधुवा बाजार में रोड के किनारे फुटपॉथ पर जिउतिया गुथनेवाले कारीगर भी अपनी दुकानें सजा दिये थे. महिलाएं दुकानों पर जिउतिया लेकर लाल,पीला,हरा आदि रंग के धागे की खरीदारी कर रही थी.
आज रहेगी पुत्र के लिए रहेगी महिलाएं व्रत
आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि के दिन महिलाएं जिउतिया व्रत रखेंगी.इस साल यह व्रत 10 सितंबर गुरुवार को है.औयह व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं.ऐसा कहा जाता है कि जो महिलाएं व्रत को रखती हैं उनके बच्चों के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.और उन्हें संतान वियोग नहीं सहना पड़ता है.इस व्रत को निर्जला रखा जाता है.इस दिन महिलाएं पूजन कर उनकी लंबी आयु की भी कामना करती हैं.इस व्रत को करते समय सूर्योदय से पहले ही खाया-पिया जाता है.सूर्योदय के बाद पानी भी नहीं पी सकती हैं.इस व्रत में माताएं जीवित्पुत्रिका और राजा जीमूतवाहन दोनों की पूजा कर पुत्रों की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं.अगले दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है.इस पर्व में मड़ुआ की रोटी,कंदा, सतपूतिया और नोनी की साग का खास महत्व है.महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं।