प्रतिशत खेतों में ही सुख गया है.जिसके वजह से किसानों के गाढ़ी कमाई का
रुपया डूब गया है.और किसान भूखमरी के कगार पर पहुंच कर असहाय नजर आ रहा
है। किसान अपने गन्ने के सहारे ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर परिवार का भरण पोषण करता है और शादी विवाह से लेकर घर की अन्य सभी जरूरतों को पूरा
करता है। किसान गन्ने की फसल लगाने में अपना पूरा जमा पूँजी लगा दिये है.और
जब खेत में ही गन्ना सूखने लगा है.एसे में आने वाले समय में किसान कर्जदार भी हो जायेगा है। एक तरफ तो सरकार का दावा है.कि हम किसानों की आय दोगुनी कर देंगें मगर जब प्रकृति की मार पड़ती है.तो किसानों का कमर तोड़ने का भी कार्य करती है.समय से किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ भी
नही मिल पाता है।
रामचन्द्र सिंह के अगुवाई में सोमवार को मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार राधेश्याम उपाध्याय,कप्तानगंज को सौंपा । उक्त सौंपे गए ज्ञापन में जिक्र किया गया है जिले के किसानों का गन्ना जो 60 से 70 प्रतिशत खेतों में ही सुख गया है । उसकी जांच कराकर गन्ने का उचित मुवावजा जल्द से जल्द दिलवाया जाय । जबकि जनपद में जो बरसाती नाले है । उसकी साफ सफाई कराया जाय । ताकि बरसात में किसानों के फसलों का नुकसान न हो।
यदि ऐसा नही किया गया तो हमारा यूनियन जनपद के किसानों की माँग को लेकर सडक पर आने के लिये मजबूर होंगे.जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर यूनियन के जिला सचिव चेतई प्रसाद, तहसील अध्यक्ष रामप्यारे शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष जवाहर प्रसाद, ब्लॉक अध्यक्ष रामअधार प्रसाद, मनिराज प्रसाद, राधे प्रसाद, चांदबली, समरेंद्र सिंह सैथवार, रामउग्रह चौधरी, धनंजय सिंह, इन्द्रासन यादव, अमर सिंह, विशाल सहानी, छेदी प्रसाद के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे ।

