कानपुर आइएएस डॉ. ब्रह्मदेव तिवारी का तबादल होने के बाद नवागत डीएम आलोक तिवारी ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद उन्हेंं यहां का डीएम बनाया गया। 2007 बैच के आइएएस अफसर आलोक तिवारी कन्नौज और मथुरा में डीएम रह चुके हैं। इससे पहले वे केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सॢवसेज में डिप्टी सेक्रेट्री पद पर तैनात थे।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सबसे पहले मुख्य कोषाधिकारी यशवंत सिंह के साथ बैठक कर पेंशन से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद वे डीएम आवास पहुंचे और निर्वतमान डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से मुलाकात करके कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और मौतों के बारे में जानकारी ली। अस्पतालों में वेंटीलेटर व अन्य सुविधाओं के बारे में जाना।
सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में डीएम आलोक तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए टीम भावना बहुत ही जरूरी है। गंभीर रोगियों के इलाज पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि मौतें न हों। संक्रमण को चुनौती के रूप में लें और इससे निपटने को जी जान से जुट जाएं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को चिह्नित कर उनकी जांच कराने में तत्परता दिखानी चाहिए। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो।
उन्होंने कहा कि जिन्हें जो कार्य सौंपा गया है वह उसका पूरी तरह निर्वहन करे। सभी अधिकारी टीम भावना से कार्य करते हुए कोरोना संक्रमण रोकने में सफल होंगे। यदि कांटेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस, जांच आदि कार्यों में किसी तरह की कोई दिक्कत आए तो तत्काल सूचना दें, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए हमें जिले के प्रत्येक नागरिक की मदद लेनी है।
उन्हें मास्क लगाने और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। हमें इस गंभीर बीमारी से निजात के लिए भरपूर प्रयास करना है। जब सभी प्रयास करेंगे तभी इसकी रोकथाम कर सकेंगे। उन्होंने चिकित्साधिकारियों से कहा है कि वे कोरोना के अधिक से अधिक मरीजों को चिह्नित करें और उनका समुचित उपचार कराएं। इस अवसर पर नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी, एडीएम सिटी अतुल कुमार, एडीएम वित्त वीरेन्द्र कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता, सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा आदि रहे।
