नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार को शर्म आनी चाहिए कि देश के गृहमंत्री को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल का दौरा कर, कोरोना पीड़ितों के सुचारु रूप से इलाज किए जाने के सख्त आदेश दिए, जबकि केजरीवाल और उनकी सरकार केवल अपनी कमियों को छुपाने हमेशा की भांति आरोप-प्रत्यारोप की दुनिया में खोकर, जनता को भ्रमित करते रहे। केजरीवाल और उनकी सरकार को आंख खोलकर देखना चाहिए की जनता की चिंता करने वाले वातानुकूलित कमरों में बैठकर नहीं, बल्कि सड़क पर आकर समस्याओं को दूर करना चाहिए। केजरीवाल, उनकी सरकार और पार्टी को धरातल पर आकर काम करना सीखना चाहिए।
दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना केसों से निपटने के लिए अब देश के गृहमंत्री अमित शाह ने खुद कमान सँभाल ली है। सोमवार (15 जून 2020) को शाह ने सर्वदलीय बैठक की। इसके बाद वे LNJP अस्पताल जाकर हालात का जायजा लिया।
LNJP अस्पताल पहुँचे अमित शाह ने कॉन्फ्रेंस रूम में वरिष्ठ डॉक्टरों से मुलाकात की। इस दौरान डॉक्टरों ने शाह को अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या, कोरोना से अभी तक होने वाली मौतें और दिल्ली से बाहर के कोरोना मरीजों की अस्पताल में संख्या के बारे में अवगत कराया। वहीं अमित शाह ने डॉक्टरों से कोरोना वायरस से होने वाली मौत और उनके ठीक होने की दर के बारे में जानकारी ली।
गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के चीफ सेक्रेट्री को निर्देश दिए हैं कि वह अस्पतालों के अंदर सभी कोरोना वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगवाएँ, जिससे कि वार्ड में मौजूद कोरोना मरीजों की ठीक से देखभाल की जा सके और उनकी समस्याओं को दूर किया जा सके।
इससे पहले हुई सर्वदलीय बैठक में अमित शाह ने सभी राजनीतिक दलों से इस संकट में लोगों के हित के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल से दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस पर चर्चा करने के बाद ऐलान किया कि अब दिल्ली में हर दिन 18 हजार कोरोना के टेस्ट किए जाएँगे।

