[Ruby_E_Template slug="time-header"]
Jansandeshonline Hindi Latest NewsJansandeshonline Hindi Latest News
Font ResizerAa
  • World
  • Travel
  • Opinion
  • Science
  • Technology
  • Fashion
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Technology
    • Opinion
    • Travel
    • Fashion
    • World
    • Science
    • Health
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » Maharashtra Politics में सियासी संकट की सुगबुगाहट 
राष्ट्रीय

Maharashtra Politics में सियासी संकट की सुगबुगाहट 

admin
Last updated: April 17, 2026 2:19 pm
admin
Share
SHARE

[object Promise]

नई दिल्‍ली। महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस ने कहर बरपा रखा है। कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में सरकार को लेकर लगातार हलचल है। इसी हलचल के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हम सरकार में शामिल जरूर हैं लेकिन फैसले में हमारी प्रमुख भागीदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कहा सरकार चलाने और सरकार का समर्थन देने में फर्क होता है।

देश के 36 फीसद से ज्‍यादा COVID-19 केस अकेले महाराष्‍ट्र से हैं। विपक्ष इस हालत के लिए सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इस बीच महाराष्‍ट्र में सियासी संकट की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ताजा हालात इसी ओर इशारा करती है। मंगलवार को एक ओर जहां एनसीपी चीफ शरद पवार ने उद्धव से मुलाकात की। वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के बयान से मामला औऱ तूल पकड़ रहा है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में साफ किया कि महाराष्‍ट्र सरकार को कांग्रेस सहयोग कर रही है। वहां पार्टी की बड़े फैसलों में भूमिका नहीं है, यह कहकर राहुल ने ‘महाविकास आघाडी’ की एकजुटता को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। राहुल ने कहा कि हम महाराष्‍ट्र में सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं मगर वहां ‘की डिसिजन मेकर’ नहीं हैं। हम पंजाब, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान, पुड्डूचेरी में ‘की डिसिजन मेकर’ हैं। सरकार चलाने और सरकार का सपोर्ट करने में फर्क होता है। जबकि सच यह है कि कांग्रेस महाराष्ट्र और झारखंड में गठबंधन का हिस्सा है। दोनों राज्यों में कांग्रेस के विधायक मंत्री भी बनें है। एेसे में राहुल गांधी यह कहकर नहीं बच सकते कि हम डिसिजन मेकर की भूमिका में नहीं है।

महाराष्‍ट्र कांग्रेस चीफ और सरकार में मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि कांग्रेस नाखुश नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि ‘सभी तीन पार्टियां हर सप्‍ताह मीटिंग करती हैं जिसमें फैसले किए जाते हैं। सब पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं।’ थोराट का यह बयान राहुल के आज के बयान से उलट है जहां वो कह रहे हैं कि कांग्रेस केवल महाराष्‍ट्र में सपोर्ट करती है और फैसलों में उसकी बड़ी भूमिका नहीं है।

 

राहुल गांधी ने यह भी बताया कि महाराष्‍ट्र, दिल्‍ली जैसी जगहों पर कोरोना वायरस का प्रकोप इतना ज्‍यादा क्‍यों हैं। उन्‍होंने कहा कि जितनी ज्‍यादा कनेक्‍टेड जगह है, वहां कोरोना ज्‍यादा एग्रेसिव हैं। आप दिल्‍ली देखें, मुंबई देखें, पुणे देखें। महाराष्‍ट्र भारत के सबसे कनेक्‍टेड राज्‍यों में से एक है इसलिए वहां पर कोरोना के ज्यादा मामले होंगे ही। उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र अपनी कनेक्टिविटी के नेचर की वजह से इतना संघर्ष कर रहा है। राहुल के मुताबिक, महाराष्‍ट्र व्यापार का केंद्र है इसलिए केंद्र सरकार को उसे पूरी तरह से सहयोग करना चाहिए।

वहीं शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि महाविकास अघाड़ी की स्थिरता को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। उन्‍होंने पुष्टि की कि पवार ने उद्धव से मुलाकात की है। ऐसी अटकलें हैं कि कोविड-19 महामारी से निपटने के तरीके को लेकर शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। राउत ने संभावित राजनीतिक संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष को अभी भी कोरोना के लिए टीका और उद्धव ठाकरे की सरकार को गिराने के लिए खुराक खोजना बाकी है लेकिन प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मजबूत है और उस पर कोई खतरा नहीं है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article bihar board 10th result 2020 : टॉपर हिमांशु पिता के साथ बेचता था सब्जी, बिहार में 10वीं में किया टॉप
Next Article UP में 10 आईपीएस के तबादले, प्रशांत कुमार बने नए ADG लॉ एंड ऑर्डर

Recent Posts

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: सोनपुर के होटल में बर्थडे पार्टी मना रहे युवक की संदिग्ध मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
  • पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?
  • बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर
  • ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?
  • आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

Recent Comments

No comments to show.
[Ruby_E_Template slug="time-related"]
[Ruby_E_Template slug="time-footer"]
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?