मुंबई। भारत का मोस्ट वांटेड भगोड़ा, इस्लामिक प्रचारक और कट्टरपंथी जाकिर नाइक अब भी कट्टरपंथी इस्लामी गतिविधियों के प्रचार में लगा हुआ है। वर्तमान में मलेशिया में रह रहा जाकिर खाड़ी में अमीर लोगों से अपने संपर्को के जरिये धन संग्रह कर रहा है, जो उसकी गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं।
करीबी सूत्रों से पता चला है कि नाइक अपने पुराने संपर्को में से एक कतर निवासी के संपर्क में था और उसने रमजान के दौरान दान के लिए अनुरोध किया था। कथित तौर पर कतर के इस नागरिक ने उसे पांच लाख डॉलर (लगभग तीन करोड़, 77 लाख रुपये) की राशि देने का आश्वासन दिया है। यह भी पता चला है कि कतर का यह नागरिक नाइक का करीबी सहयोगी है। वह उसे धन संग्रह के लिए स्थानीय धनी व्यापारियों और धर्मार्थ संगठनों से संपर्क करने में मदद करता है।
उल्लेखनीय है कि नाइक मुंबई का है और विवादित इस्लामिक प्रचारक है। वह इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आइआरएफ) और पीस टीवी का संस्थापक है। यह सऊदी अरब से उर्दू और अंग्रेजी में प्रसारित होने वाला एक इस्लामिक टीवी चैनल है। वह कई स्थानीय कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों जैसे दक्षिण कर्नाटक सलाफी आंदोलन और अल-लिसान इस्लामिक फाउंडेशन से भी जुड़ा हुआ है।
नाइक ने भारत सरकार की जांच से बचने और फंड एकत्रित करने के लिए कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों में कई बैंक खाते खोल रखे हैं। वह आम तौर पर आइआरएफ और अन्य संबद्ध संगठनों द्वारा अपने सहयोगियों और नेटवर्क को धन हस्तांतरित करने के लिए इन खातों का उपयोग करता है। भारत सरकार ने आइआरएफ पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है।

