[Ruby_E_Template slug="time-header"]
Jansandeshonline Hindi Latest NewsJansandeshonline Hindi Latest News
Font ResizerAa
  • World
  • Travel
  • Opinion
  • Science
  • Technology
  • Fashion
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Technology
    • Opinion
    • Travel
    • Fashion
    • World
    • Science
    • Health
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » वित्तमंत्री सीतारमण की घोषणा की नितिन गड़करी ने खोली पोल, चिदंबरम ने दागे सवाल
राष्ट्रीय

वित्तमंत्री सीतारमण की घोषणा की नितिन गड़करी ने खोली पोल, चिदंबरम ने दागे सवाल

admin
Last updated: April 17, 2026 2:24 pm
admin
Share
SHARE

[object Promise]

नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के इस खुलासे ने कि सरकार पर एमएसएमई क्षेत्र की 5 लाख करोड़ की देनदारी है, राजनैतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। इस भूचाल के कारण सरकार की ईमानदारी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की एमएसएमई क्षेत्र के लिये की गयी घोषणा पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने पूछा कि गड़करी के बयान के बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि सच कौन बोल रहा है, गड़करी या सीतारमण।

दरअसल, नितिन गड़करी जो एमएसएमई के मंत्री ने खुलासा किया कि एमएसएमई को सरकार द्वारा 5 लाख करोड़ वकाये का भुगतान किया जाना बाकी है । चिदंबरम ने इसे पकडऩे में कोई देर नहीं की और ट्वीट किया। मंत्री गड़करी कहते हैं कि सरकार और पीएसयू पर एमएसएमई की 5 लाख करोड़ की देनदारी है, वित्तमंत्री सीतारमण कहती हैं कि वह एमएसएमई के लिये 3 लाख करोड़ की कोलेटरल मुक्त ऋण की घोषणा कर रही हैं।

यह सवाल खड़ा हो गया है कि ऋण देने वाला कौन है और ऋण लेने वाला कौन, क्या दोनों मंत्री पहले आपस में तय कर लें और एमएसएमई को स्वत: अपनी रक्षा करने दें, बिना सरकार की मदद लिये। चिदंबरम ही नहीं गड़करी के खुलासे के बाद वित्तमंत्री सीतारमण और सरकार पर विपक्ष हमलावर हो गया है।

आरजेडी सांसद मनोज झा ने सरकार के पैकेज पर चुटकी ली और पूछा कि 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में बोली लगा लगा कर पैकेज की घोषणा की थी, जैसे बिहार की घोषणा थी, यह भी ऐसी ही घोषणा है। झूठ बोलना, लोगों को धोखा देना और जुमलेबाज़ी तो इनकी आदत का हिस्सा है। माकपा नेता सीताराम येचुरी तो इसे पैकेज मानने को ही तैयार नहीं उनका सीधा तर्क था कि हरेक के खाते में 7500 रुपये नकद डालो, भूखे, प्यासे नंगे पैर जिनमें छाले पड़ चुके हैं, इस सरकार को नहीं दिख रहे और केवल सब्ज़बाग़ दिखा रही है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article सट्टा किंग निकला कोरोना किंग, मिलने आए थे 80 लोग
Next Article लॉकडाउन 4.0 : किस क्षेत्रों में शुरू हो सकता है कामकाज, जाने किसमें मिल सकती है छूट !

Recent Posts

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: सोनपुर के होटल में बर्थडे पार्टी मना रहे युवक की संदिग्ध मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
  • पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?
  • बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर
  • ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?
  • आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

Recent Comments

No comments to show.
[Ruby_E_Template slug="time-related"]
[Ruby_E_Template slug="time-footer"]
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?