भारत के राज्य हरियाणा से अन्य प्रदेशों में जाने वाले करीब आठ लाख श्रमिकों ने सरकार के पास आवेदन किया है जबकि डेढ़ लाख ऐसे लोग हैं जो हरियाणा में आना चाहते हैं। सरकार का मानना है कि यह वे लेाग हो सकते हैं जो यहां फैक्ट्रियां खुलने के कारण रोजगार की तलाश में आना चाह रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऐसे में दोनों तरफ के लोगों के लिए आवागमन का रास्ता सुलभ करने के प्रयास जारी हैं. हरियाणा में आने वाले सभी लोगों का कोरोना टैस्ट होगा। जिसके बाद ही वे राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि इनमेें से अधिकतर लोग बिहार जाना चाहते हैं।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक अपने यहां इन श्रमिकों को आने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन वह भी अनुमति मिल गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ स्टेशन बताए हैं जहां पर रेलगाड़ी को रोकने की बातचीत चल रही है।
उधर अंबाला में देर शाम पंजाब की ओर से आए श्रमिकों के मामले में अनिल विज ने बताया कि शुक्रवार शाम पंजाब की ओर से भूखे प्यासे कुछ श्रमिक इस सूचना पर आ गए कि अंबाला से कोई रेलगाड़ी जा रही है। उनकी सूचना सही नहीं थी। वही, पंजाब पुलिस ने दोबारा उन्हें पंजाब में प्रवेश नहीं करने दिया। इस बात को लेकर काफी गरमागरमी भी हुई, लेकिन सभी लोग भूखे प्यासे थे। लिहाजा हमने उन्हें शेल्टर होम में रख दिया है। उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
