नई दिल्ली । देश में कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सरकार का फोकस अब इस महामारी से होने वाली मौत के आंकड़ों को कम करने पर है. एक दिन में तीन हजार के करीब मामले सामने आ रहे हैं. केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगातार अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है. जिन राज्यों में संक्रमण के मामले रोक नहीं रहे हैं, केंद्र अब उनके साथ अलग-अलग बैठकें करके नई रणनीति को अमलीजामा पहना रहा है जिसके चलते संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके ।
डबलिंग रेट (Doubling story) ने फिर चिंता बढ़ा दी है. देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में डबलिंग रेट घटने लगा है. यानी मामले तेजी से बढ़े हैं. डबलिंग रेट 12 से घटकर 10.2 पर आ गया है. मुंबई में डबलिंग रेट 9.8 दिन है. यानी मुंबई में 9.8 दिन में केस दोगुने हो रहे हैं. ऐसे अगर कोई कोरोना वायरस को हल्के में ले रहा है तो ये उसकी बड़ी भूल है ।
कोरोना के मुद्दे पर शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने तीन राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना के अधिकारियों के साथ बैठक की. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना मरीजों की पहचान और लोगों में समय पर संक्रमण का पता लगाना जरूरी है. इन तीन राज्यों से पहले उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कोरोना को लेकर इन राज्यों में स्थिति और सरकारों की तैयारियों पर समीक्षा बैठक हो चुकी है ।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि हमें अब वायरस के साथ रहना सीखना होगा. उसी लिहाज से रहने में बदलाव करना होगा. केंद्र सरकार के सूत्रों की माने तो दो-चार दिन में संक्रमण के मामले रोकने वाले नहीं है. लिहाजा लोगों को कोरोना के साथ रहना सीखना होगा. आपको अब रोजाना की जिंदगी में सुरक्षा बरतना जरूरी है जिससे आप संक्रमण से बच सकें ।
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का ये बयान सीधे तौर पर इशारा करता है कि कोरोना का संक्रमण इतने जल्दी खत्म नहीं होने वाला. इसका अनुमान अभी तक नहीं लगाया जा सका है कि इससे कब तक पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय अब तक ऐसे बयानों से बच रहा था जिससे कि लोगों में पैनिक न हो. शुक्रवार को सरकार की तरफ से ऐसा बयान आया जिससे संदेश साफ मिल गया कि लड़ाई लंबी है और रास्ते कठिन हैं ।
देश में कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण के मामलों की संख्या 56 हजार के पार हो गई है. पिछले 24 घंटे में 3390 नए मरीज सामने आए हैं और 103 लोगों की मौत भी हुई. 24 घंटे में इलाज के बाद 1273 लोग ठीक भी हुए हैं. राहत की बात यह है कि देश में 216 जिलो में कोरोना का कोई केस नहीं है. रिकवरी रेट बढ़कर 29.36% हो गया है ।
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 4 दिन में 10 हजार नए मरीज सामने आए हैं. पिछले 4 दिनों से, हर दिन करीब 125 की मौत हुई है. 5 मई को देश में कोरोना के 3875 नए मामले सामने आए. 6 मई को 2680 कोरोना संक्रमित अस्पतालों में पहुंचे. 7 मई को 3561 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई ।
एक तरफ रिकवरी रेट बढ़ रहा है, यह सरकार के लिए राहत देने वाली बात है लेकिन रफ्तार पकड़ते संक्रमण के मामले नई चुनौती भी खड़ी कर रहे हैं. यही वजह है कि सरकार अपने स्तर पर तो इंतजाम कर ही रही है लेकिन साथ ही लोगों को भी यह बताना चाहती है कि इस लड़ाई में उनकी भी बड़ी भूमिका है और उनको यह सुनिश्चित करना है कि कोरोना संक्रमण से वह अपने आप को कैसे साफ रखें ।

