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राष्ट्रीय

मई महीने के 5 दिनों में 14 हजार से ज्यादा केस, रेकॉर्ड मौतें और रेकॉर्ड संख्या में बढ़े मरीज

admin
Last updated: April 17, 2026 2:31 pm
admin
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नई दिल्ली । लॉकडाउन 3.0 में मिली छूट के दूसरे ही दिन देश में बढ़े कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की तादाद डराने वाली है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के मामलों और मौत के आंकड़ों में सबसे बड़ी उछाल देखी गई है। इस दौरान 3900 कन्फर्म केस सामने आए हैं और 195 लोगों ने दम तोड़ दिया, जो एक दिन में सबसे ज्यादा है। इसी के साथ देश में कोरोना के कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 46 हजार को पार कर गई है। वहीं, अबतक 1568 लोगों की मौत हो चुकी है।

राहत की बात यह है कि केस बढ़ने के साथ धीरे-धीरे रिकवरी रेट यानी मरीजों के ठीक होने की दर भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 24 घंटे में 1,020 लोग ठीक हुए हैं, जिससे ठीक होने वालों की संख्या 12,726 हो गई है। अब रिकवरी रेट 27.41 फीसदी हो गया है।

मई महीने के 5 दिनों में 14 हजार से ज्यादा केस
बीते 5 दिनों में देश में कोरोना के 14,480 केस सामने आए हैं। मंगलवार को देश में कोरोना की वजह से 195 लोगों की जान चली गई। जबकि सोमवार को 99 लोगों की मौत हुई थी। भारत में कोरोना संक्रमित मृतकों का कुल आंकड़ा 1568 हो गया है। वहीं 12,726 मरीज ऐसे हैं, जो ठीक हो गए हैं।

तारीख केस
5 मई 2020 3900
4 मई 2020 2900
3 मई 2020 2717
2 मई 2020 2567
1 मई 2020 2396
कुल आंकड़े 14480

विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापसी का काम शुरू
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के वतन वापसी की प्रक्रिया 7 मई से चरणबद्ध तरीके के शुरू की जाएगी। इस काम में भारत सरकार नौसेना की भी सहायता लेगी। जानकारी के अनुसार, लोगों को वापस लाने के लिए स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल को भी तैयार कर लिया गया है।

खांसी, बुखार या सर्दी वाले लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं
गृह मंत्रालय ने कहा कि उड़ान से पहले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन भारतीयों में खांसी, बुखार या सर्दी के लक्षण पाए जाते हैं उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, भारत आने के बाद इन लोगों को 14 दिनों तक अस्पताल या किसी अन्य स्थान पर क्वारंटीन में रखा जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

अबतक 62 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईंं
गृह मंत्रालय ने बताया कि दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने के लिए अबतक भारतीय रेलवे ने 62 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। आज 13 और ट्रेनें चलाई जा रही हैं जो अन्य राज्यों से लोगों को उनके गृह राज्यों में लेकर जाएंगी।

फेस मास्क और दो गज की दूरी बनाना अनिवार्य
गृह मंत्रालय ने कहा कि बाहर निकलते समय हर किसी को फेस मास्क लगाना अनिवार्य है। साथ ही लोग आपस में दो गज की दूरी को भी जरूर बनाए रखें। सड़कों या खुली जगह पर थूकना दंडनीय अपराध है। खुले में नशा करना भी वर्जित है।

एक दुकान पर 5 से ज्यादा लोग नहीं
लॉकडाउन के दौरान एक दुकान पर 5 से ज्यादा लोग एक साथ एकत्र नहीं हो सकते हैं। ये लोग भी मास्क लगाए होने चाहिए। इन लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा।

विवाह और शवयात्रा में लोगों की संख्या
वैवाहिक समारोह या शवयात्रा में शामिल होने वाले लोगों की अधिकतम संख्या निश्चित कर दी गई है। विवाह में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। जबकि शवयात्रा में 20 से ज्यादा लोगों को अनुमति नहीं होगी। इन लोगों को भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। फेस मास्क भी जरूरी है।

कार्यस्थल के लिए भी नियम
कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान काम करने वाली कंपनियों के लिए भी गृह मंत्रालय ने नियम बनाए हैं। कार्यालयों में हैंडवाश, सैनिटाइजर और साफ-सफाई का होना अनिवार्य है। काम के दौरान सभी कर्मचारी फेस मास्क लगाए हुए होने चाहिए। ऑफिस में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए। स्टाफ को अलग-अलग लंच ब्रेक देना होगा जिससे उनमें दूरी बनी रहे। सभी कर्मचारियों का आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन भी जरूरी है। ऑफिस और परिवहन वाहन को लगातार सेनिटाइज भी करवाना होगा। कंपनी को हाइजीन और सफाई को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आय़ोजित करने होंगे। कंपनी नजदीकी कोविड-19 के इलाज वाले अस्पतालों की सूची भी रखे और क्वारंटीन के लिए स्थान भी चिन्हित होना चाहिए।

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