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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : वैश्विक संकट बनकर उभरे कोरोना वायरस से बचाव के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद लोग ज्यादा सचेत नजर आ रहे हैं। गुरुवार को पडरौना विकास खंड कुछ गांवों में जो तस्वीर सामने आई उससे तथाकथित समझदारों को गंवई लोगों से सीख लेने की जरूरत है। सरकार के आदेश के बाद भी जिले के अधिकतर गांवों में न तो दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था है।
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संक्रमण को रोकने के लिए जहां कुछ गांवों के प्रधान काफी सचेत दिख रहे हैं वहीं समाजसेवी भी बढ़-चढ़ कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों के बीच साबुन व मास्क का वितरण करने के साथ ही गांवों को सैनिटाइजर कर रहे है। पडरौना विकास खंड के लबकन,भिस्वा सरकारी, सोहनारियां आदि गांवों के प्रधान अपने गांव को न सिर्फ सैनिटाइज करने में जुटे रहे,बल्कि साबुन व मास्क भी वितरित किया। लबकन के ग्राम प्रधान सुशील श्रीवास्तव घर-घर घूमकर ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही सैनिटाइज भी कराया।
इसी क्रम में भिस्वा सरकारी प्रधान प्रतिनिधि मारकन्डेय शाही ने गांव में सुरक्षा के मद्देनजर दवा का भी छिड़काव कराया। इस दौरान ग्रामीणों से इस वैश्विक महामारी से सावधान रहने की सलाह दी। सोहनरियां गांव के प्रधान अजीत दुबे ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिग का महत्व समझाते हुए सैनिटाइजर व मास्क का वितरित गांव में छिड़काव कराया। हालांकि एक तरफ जहां कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के जागरूक लोग कोरोना को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं,वहीं बहुसंख्यक ग्राम प्रधान मस्ती में चूर हैं।
इस विषम परिस्थिति में गिनते के तीन ग्राम प्रधानों ने अपने गांव को सुरक्षित करने का नजीर प्रस्तुत कर तथाकथित समाज सेवियों को आईना दिखाने का काम किया। बहरहाल अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है,उम्मीद की जा रही है कि आने-वाले एक-दो दिन में सभी ग्राम प्रधानों को अपनी जिम्मेदारी का भान होगा और वे भी अपने इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
