हैदराबाद। दिल्ली में हुई हिंसा में 42 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए। साथ ही दंगाइयों ने उत्पात मचाकर काफी नुकसान पहुंचाया, जिससे लाखों-करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान हुई इस हिंसा ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस मुद्दे पर राजनीति जारी है और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मोदी सरकार दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे की साजिश की तह तक जाना चाहती है। पिछले सप्ताह के दौरान हमने देश की राजधानी में गड़बड़ी देखी। दुर्भाग्य से कई निर्दोष लोगों ने जान और संपत्ति खो दी, जिसमें एक बहादुर कांस्टेबल भी शहीद हो गया।
राजनीतिक दलों, सोशल मीडिया और मीडिया के एक वर्ग द्वारा अफवाहों को हिंसा से जोड़ा गया। सरकार दंगों के पीछे हुई साजिश का खुलासा करने के लिए सच्चाई की तह तक जाने को दृढ़ संकल्पित है।
रेड्डी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बारे में भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर दोहराऊंगा कि सीएए किसी भारतीय की नागरिकता छीनना नहीं बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है।
