पडरौना,कुशीनगर । …… बाबू जी जरा धीरे चलना राह मे थोडा संम्भलना …. बडे गड्ढे है इस राह में ….जी हा यह एक फिल्मी पिक्चर का गाना है जो सटीक बैठ रही है पडरौना से तमकुहीरोड जाने वाला मार्ग के बीच सिधुआ बाजार सडक का अगर आप बाईक सवार है तो मेन रोड से होकर मत आये नही तो आप की थोडी सी भुल आप को गड्डडे यूक्त छतिग्रस्त सडक मे बने होल में भरे पानी मे गिरा सकती है । हालाकी ये अंजान व्यकित्यो के लिये तो हर रोज की आदत बन चुकी है,इस मार्ग पर तो सबसे बुरी स्थिती तो स्कुली छात्रो के लिये बनी हुई है ।
दुसरी ओर इस समस्या से निजात पाने के लिये स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं,लेकिन बिभागीय लापरवाही के चलते यह पूरी तरह से छतिग्रस्त होकर गड्डडे मे तब्दील हो चुकी सडक पर हर रोज इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर व स्कुली छात्र चोटिल हो रहे है। गौरतलब हो की पडरौना तमकुहीरोड जाने वाले मार्ग सिधुआ बाजार मे सडक पुरी तरह छतिग्रस्त होकर गड्डडे मे तबंदील हो चुकी है । अहम बात है हर रोज इधर से बडी वाहनो के आलावे बाईक सवार युवक राहगीर,स्कूली छात्रो को आना जाना होता है । जबकि सडक छतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा अगर कोई ज्यादा ज्यादा झेल रहे है तो पढाई करने वाले छात्र है,इस मार्ग पर बरसात का पानी लगने से बाईक सवार चोटिल हो रहे है।
मजे की बात तो यह है की वर्षो से मरमत्त के आभाव मे छतिग्रस्त पडी सडक के बारे मे बिभाग तो बनवाने के लिए रुची नही ले रहा है। दुसरी ओर लोगो कि माने तो बिभाग पर आरोप लगाते हुए कहने से पीछे नही होते है की बिभाग मोटी कमीशन न मिलने के वजह इस सड़क को बनवाने के लिए पत्र नही नही भेजता है। जिससे यह सडक बन सके ? बहरहाल इस छतिग्रस्त मार्ग होने से अगर सबसे बडी परेशानीयो का सामना कर रहे है तो वे स्कुल से जुडे छात्र-छात्रा है,अब देखना यह है की इस समस्याओ पर बिभाग कब ध्यान देता है।

