प्रदेशउत्तर प्रदेशअमरोहा: किलकारियों के बीच पसरा मातम! गजरौला में सिजेरियन के बाद प्रसूता...

अमरोहा: किलकारियों के बीच पसरा मातम! गजरौला में सिजेरियन के बाद प्रसूता की मौत, अस्पताल पर गंभीर आरोप

अमरोहा के गजरौला से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक घर जहां नन्हे मेहमान के आने की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम का सन्नाटा है। गजरौला के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी (C-section) के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) होने से एक महिला की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सामान्य नहीं बल्कि अस्पताल की घोर लापरवाही का परिणाम है।

क्या है पूरा मामला: खुशियां कैसे बदलीं मातम में?

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की रहने वाली रूबी (बदला हुआ नाम) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने पास के ही एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नॉर्मल डिलीवरी संभव नहीं है और सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ेगा।

परिजनों ने बच्चे और मां की सुरक्षा को देखते हुए ऑपरेशन की अनुमति दे दी। ऑपरेशन सफल रहा और घर में किलकारियां गूंजीं। लेकिन यह खुशी चंद घंटों की ही मेहमान थी। ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद रूबी की हालत बिगड़ने लगी। उसे अत्यधिक रक्तस्राव (Excessive Bleeding) होने लगा। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टरों और नर्सों को सूचित किया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसे सामान्य बताया और समय पर उचित उपचार नहीं दिया।

लापरवाही के आरोप और अस्पताल का रवैया

जैसे-जैसे समय बीता, रूबी की हालत गंभीर होती गई। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी, तो अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर (मेरठ) रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब रूबी की हालत नाजुक थी, तब अस्पताल का मुख्य स्टाफ मौके से खिसकने लगा था। एम्बुलेंस में मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही रूबी ने दम तोड़ दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि अगर अस्पताल में रक्त रोकने के पुख्ता इंतजाम होते या डॉक्टरों ने समय रहते खतरे को भांप लिया होता, तो आज रूबी जिंदा होती। इस घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग को भी इस मामले की लिखित शिकायत दी गई है।

निजी अस्पतालों में सुरक्षा: किन बातों का रखें ध्यान?

यह घटना पहली बार नहीं है जब किसी निजी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे हों। अक्सर छोटे शहरों के नर्सिंग होम में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और इमरजेंसी सुविधाओं का अभाव जानलेवा साबित होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऑपरेशन से पहले अस्पताल की साख और वहां उपलब्ध आईसीयू (ICU) व ब्लड बैंक की सुविधा की जांच जरूर करनी चाहिए। सिजेरियन के बाद ‘पोस्टपार्टम हेमरेज’ (PPH) यानी प्रसव के बाद होने वाला अत्यधिक रक्तस्राव मौत का एक बड़ा कारण होता है। अगर इसे 10-15 मिनट के भीतर काबू न किया जाए, तो मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। गजरौला के इस मामले में भी यही प्राथमिक कारण माना जा रहा है।

फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल के दस्तावेजों की जांच कर रही है। यदि लापरवाही सिद्ध होती है, तो अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और संबंधित डॉक्टरों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन इस कानूनी प्रक्रिया के बीच, उस मासूम बच्चे का क्या होगा जिसने अपनी मां का चेहरा तक ठीक से नहीं देखा?


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

1. प्रसव के बाद ब्लीडिंग (PPH) क्यों होती है?
प्रसव के बाद गर्भाशय का सही तरीके से न सिकुड़ना या ऑपरेशन के दौरान किसी नस का कट जाना अत्यधिक ब्लीडिंग का कारण बन सकता है। इसे मेडिकल भाषा में पोस्टपार्टम हेमरेज कहा जाता है।

2. अगर निजी अस्पताल में लापरवाही हो तो कहां शिकायत करें?
आप सबसे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को लिखित शिकायत दे सकते हैं और उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) में भी मामला दर्ज कर सकते हैं।

3. सिजेरियन डिलीवरी के लिए अस्पताल चुनते समय क्या देखें?
हमेशा सुनिश्चित करें कि अस्पताल में 24/7 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, बच्चों का डॉक्टर (Pediatrician), और पर्याप्त मात्रा में ब्लड सप्लाई या ब्लड बैंक के साथ टाई-अप की सुविधा उपलब्ध हो।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

Related Articles

Popular Categories