रूस और यूक्रेन के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से जारी युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां हर बीतता दिन सिर्फ और सिर्फ तबाही की नई इबारत लिख रहा है। शनिवार की रात यूक्रेन के लिए किसी काल से कम नहीं थी। रूस ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार कर दी। इस ताजा हमले में अब तक 4 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
यह हमला उस समय हुआ जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, रूस ने इस हमले में ‘कामिकेज’ ड्रोन (Kamikaze Drones) और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
दहल गया यूक्रेन: ड्रोन और मिसाइलों का खौफनाक तांडव
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। आसमान में गरजती मिसाइलों और ड्रोन की आवाज ने पूरे देश में दहशत फैला दी। एयर रेड सायरन (Air Raid Sirens) घंटों तक बजते रहे, जिससे लोग अपने घरों को छोड़कर अंडरग्राउंड बंकरों में छिपने को मजबूर हो गए।
इस हमले में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे आलीशान इमारतें अब लोहे और कंक्रीट के ढेर में बदल चुकी हैं। यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन कुछ घातक मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहीं, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ।
क्यों अचानक आक्रामक हुए पुतिन? युद्ध की नई रणनीति
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब यूक्रेन के मनोबल को तोड़ने के लिए उसके बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और रिहायशी इलाकों को सीधे तौर पर निशाना बना रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेन ने भी रूसी ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज किए थे, जिसके जवाब में रूस अब और भी अधिक आक्रामक रुख अपना रहा है।
रूस की इस नई रणनीति के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
-
सर्दियों से पहले दबाव: रूस चाहता है कि सर्दियों की शुरुआत से पहले यूक्रेन के बिजली और ऊर्जा केंद्रों को इतना नुकसान पहुंचा दिया जाए कि वहां का जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाए।
-
पश्चिमी देशों को संदेश: पुतिन इस हमले के जरिए उन पश्चिमी देशों को भी चेतावनी दे रहे हैं जो यूक्रेन को लगातार हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं।
-
यूक्रेनी सेना का ध्यान भटकाना: फ्रंटलाइन पर जारी संघर्ष से यूक्रेनी सेना का ध्यान हटाने के लिए रिहायशी इलाकों पर हमले किए जा रहे हैं ताकि सेना को नागरिकों की सुरक्षा में जुटना पड़े।
युद्ध का अंत कब? दुनिया पर मंडराता खतरा
इस युद्ध ने न केवल यूक्रेन और रूस को बर्बाद किया है, बल्कि पूरी दुनिया को महंगाई और खाद्यान्न संकट की आग में झोंक दिया है। 700 से अधिक दिनों से जारी इस जंग में अब तक लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और करोड़ों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की शांति की अपीलें अब तक बेअसर साबित हुई हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बार फिर दुनिया से और अधिक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की है ताकि निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके। दूसरी ओर, रूस झुकने को तैयार नहीं है। इस स्थिति में सवाल उठता है कि क्या दुनिया एक और बड़े महायुद्ध (World War 3) की ओर बढ़ रही है? यदि इन हमलों का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो मिडिल ईस्ट के बाद अब यूरोप का यह हिस्सा भी पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो सकता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
1. रूस ने यूक्रेन पर ताजा हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया?
रूस ने मुख्य रूप से ईरानी निर्मित ‘शाहेद’ ड्रोन (जिन्हें कामिकेज ड्रोन भी कहा जाता है) और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। ये हथियार रिहायशी इलाकों में भारी तबाही मचाने के लिए जाने जाते हैं।
2. इस हमले में कितने लोग मारे गए हैं?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।
3. क्या यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे पैट्रियट) रूसी मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा?
यूक्रेन ने कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया है, लेकिन रूस ने एक साथ दर्जनों हमले किए, जिससे कुछ मिसाइलें डिफेंस शील्ड को भेदने में सफल रहीं। यूक्रेन के पास अभी भी पूरे देश को कवर करने के लिए पर्याप्त एयर डिफेंस सिस्टम नहीं हैं।



