पश्चिम बंगाल की सत्ता का रास्ता जिन गलियों से होकर गुजरता है, आज वहां लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण (Phase 2) के लिए आज यानी 29 अप्रैल को मतदान हो रहा है। बंगाल की राजनीति हमेशा से ही अपने मिजाज में ‘गर्म’ रही है और आज की वोटिंग में भी वही तपिश साफ देखी जा रही है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता बनर्जी के लिए अपना किला बचाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ‘परिवर्तन’ के वादे के साथ मैदान में डटी है।
दूसरे चरण में बंगाल के उन संवेदनशील जिलों में वोटिंग हो रही है, जिन्हें राजनीति का ‘पावर सेंटर’ माना जाता है। सुबह 7 बजे जैसे ही वोटिंग शुरू हुई, पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का रेला उमड़ पड़ा।
#WATCH | South 24 Parganas | EVMs are being sealed by polling officials as the voting for the second phase of the #WestBengalLegislativeAssemblyelection2026 concludes; Visuals from a polling booth in Bhangar Assembly constituency
As of 5 pm, the approximate voter turnout of… pic.twitter.com/Zpd2UMzRvb
— ANI (@ANI) April 29, 2026
1. सुबह से ही बूथों पर लंबी कतारें: युवाओं और बुजुर्गों में भारी उत्साह
बंगाल चुनाव की एक खासियत हमेशा से रही है—यहां का भारी मतदान प्रतिशत। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बावजूद, ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। पहले तीन घंटों में ही कई इलाकों में 15% से 20% तक मतदान दर्ज किया गया।
इस बार के चुनाव में ‘महिला वोटर’ (Women Voters) एक बड़ा ‘एक्स फैक्टर’ साबित हो रही हैं। ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं के भरोसे टीएमसी अपनी जीत का दावा कर रही है, तो वहीं भाजपा भ्रष्टाचार और सुरक्षा के मुद्दों पर महिलाओं को अपने पाले में लाने की कोशिश में है। 18 से 25 साल के युवा वोटर्स, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, उनकी संख्या भी इस फेज में काफी निर्णायक मानी जा रही है। दोपहर तक का रुझान बताता है कि बंगाल एक बार फिर 80% से अधिक मतदान के रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है।
2. सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हिंसा की छिटपुट खबरें
पश्चिम बंगाल और चुनावी हिंसा का नाता पुराना रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। दूसरे चरण की 30 सीटों पर मतदान कराने के लिए केंद्रीय बलों (Central Forces) की 900 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया है। हर बूथ पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात है।
हालांकि, सुरक्षा के इतने दावों के बीच कुछ इलाकों से तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। पूर्व मेदिनीपुर और बांकुड़ा के कुछ बूथों पर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें मिली हैं। विपक्ष का आरोप है कि उनके पोलिंग एजेंटों को बूथ के अंदर नहीं बैठने दिया जा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल ने केंद्रीय बलों पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जहाँ भी गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर पुनर्मतदान (Re-polling) कराया जाएगा।
3. इन दिग्गजों की साख दांव पर: क्यों अहम है फेज-2?
दूसरे चरण का चुनाव इसलिए भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही है। इस फेज में दक्षिण बंगाल के वो इलाके शामिल हैं जहाँ टीएमसी का पारंपरिक वर्चस्व रहा है, लेकिन 2021 के बाद से भाजपा ने यहां अपनी पकड़ मजबूत की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जो पार्टी दूसरे और तीसरे चरण में बढ़त बनाएगी, उसी के लिए कोलकाता का रास्ता आसान होगा। भाजपा के लिए यह फेज अपनी ‘एंटी-इंकंबेंसी’ लहर को भुनाने का मौका है, जबकि ममता बनर्जी के लिए यह साबित करने की चुनौती है कि बंगाल की जनता आज भी अपनी ‘दीदी’ के साथ खड़ी है। इस फेज में मतुआ समुदाय और स्थानीय आदिवासी समुदायों का वोट बैंक भी हार-जीत का बड़ा अंतर तय करने वाला है।
बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य का फैसला है। आज की 30 सीटें यह तय करेंगी कि बंगाल ‘खेला’ की दिशा में जाएगा या ‘बदलाव’ की। शाम तक का फाइनल वोटिंग प्रतिशत और आने वाले दिनों की राजनीतिक हलचल यह साफ कर देगी कि बंगाल की जनता के मन में क्या है।
FAQ
1. पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है?
दूसरे चरण में कुल 30 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। ये सीटें मुख्य रूप से दक्षिण बंगाल के संवेदनशील जिलों में स्थित हैं।
2. मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 900 से अधिक कंपनियों को तैनात किया है। साथ ही राज्य पुलिस के हजारों जवान और वेबकास्टिंग के जरिए हर बूथ पर नजर रखी जा रही है।
3. क्या बंगाल चुनाव में हिंसा की खबरें सही हैं?
कुछ स्थानीय इलाकों से छिटपुट झड़पों और तनाव की खबरें आई हैं, लेकिन चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों ने स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया है। अधिकांश स्थानों पर मतदान सुचारू रूप से चल रहा है।



