क्या NDA में वापस आएंगे ओम प्रकाश राजभर, BJP चीफ ने किया खुलासा

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क्या NDA में वापस आएंगे ओम प्रकाश राजभर, BJP चीफ ने किया खुलासा

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डेस्क। UP News: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष (UP BJP Chief) भूपेंद्र सिंह चौधरी (Bhupendra Singh Choudhary) ने यह भी बोला है कि ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) बीजेपी के लिए ‘अछूत’ भी नहीं हैं। वहीं यूपी बीजेपी चीफ की यह टिप्पणी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख राजभर (SBSP Chief OP Rajbhar) और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brijesh Pathak) के बीच लखनऊ में हाल ही में हुई बैठक के बाद भी आई है।
साथ ही उन्होंने कहा कि राजभर हमारे पुराने मित्र हैं और बीजेपी के लिए कोई भी अछूत नहीं रहा है। जो भी बीजेपी के विचारों से सहमत होगा पार्टी उसे साथ लेने के लिए तैयार है।
बता दें ओम प्रकाश राजभर ने पिछला विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में लड़ा था और बाद में चुनाव में सपा की शिकस्त के बाद वो उनसे अलग हो गए थे।
इसके अलावा बीजेपी के प्रति उनकी पार्टी का रुख नरम हो गया है। और इसके पहले साल 2017 का विधानसभा चुनाव राजभर ने बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था। वहीं योगी सरकार बनने के बाद राजभर योगी कैबिनेट में मंत्री बने थे हालांकि बाद में उन्होंने बीजेपी से अपना गठबंधन तोड़ लिया था। साथ ही बीजेपी चीफ ने यह भी दावा किया है कि बीजेपी आने वाले लोकसभा चुनाव में 80 सीटों पर जीत भी हासिल करेगी।
UP के उपचुनावों में राजभर ने बोला था Akhilesh Yadav पर हमला
इसके पहले आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला भी बोला था। साथ ही राजभर ने यह भी कहा था कि अगर अखिलेश यादव एसी कमरों से बाहर निकलकर चुनाव प्रचार के लिए आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में निकले होते तो शायद से परिणाम कुछ और ही होता। 
आपको यह भी बता दें कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद आजमगढ़ की लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी हुआ था वहीं जिसमें सपा का प्रतिनिधित्व धर्मेंद्र यादव ने किया था। 
यूपी बीजेपी चीफ ने आगे यह भी कहा कि राज्य के नगरीय निकाय चुनाव अप्रैल-मई में हो सकते हैं। वहीं इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में सरकार को ओबीसी के लिए आरक्षण के बिना राज्य में निकाय चुनाव कराने का आदेश भी दिया था, हालांकि सरकार ने इसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है और उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक भी लगा दी।

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