[Ruby_E_Template slug="time-header"]
Jansandeshonline Hindi Latest NewsJansandeshonline Hindi Latest News
Font ResizerAa
  • World
  • Travel
  • Opinion
  • Science
  • Technology
  • Fashion
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Technology
    • Opinion
    • Travel
    • Fashion
    • World
    • Science
    • Health
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » RBI गवर्नर बोले- नहीं मिलेगी कोरोना नियंत्रण के बाद नियामक छूट
बिजनेस

RBI गवर्नर बोले- नहीं मिलेगी कोरोना नियंत्रण के बाद नियामक छूट

admin
Last updated: April 18, 2026 7:59 am
admin
Share
SHARE

RBI गवर्नर बोले- नहीं मिलेगी कोरोना नियंत्रण के बाद नियामक छूट

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण के नियंत्रित होने के बाद, वित्तीय क्षेत्र को बिना नियामकीय छूट के अपने स्वयं के सामान्य संचालन पर लौटना होगा। एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, दास ने महामारी से उत्पन्न स्थिति के लिए आरबीआई की प्रतिक्रिया को अभूतपूर्व बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए उपायों का उद्देश्य कोविड की विशिष्ट स्थिति से निपटना है और यह स्थायी नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, “कोविड-19 के नियंत्रण के बाद वित्तीय क्षेत्र को नियामक छूटों और अन्य उपायों पर भरोसा किए बिना सामान्य कामकाज पर लौटना होगा।”

बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों का आह्वान करते हुए दास ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद से बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधारों के बावजूद बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

उनका विचार है कि समय में परिवर्तन के साथ, सुधारों की प्रकृति को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा, “नरसिम्हम समिति की सिफारिश के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समेकन की दिशा में मौजूदा कदम सही दिशा में एक कदम है। भारतीय बैंक इस तरह से लाभ उठा सकते हैं और दुनियाभर में नए व्यापार के अवसरों में भागीदार बन सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े और अधिक कुशल बैंक वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वेल्यू चेन) में एक अच्छा स्थान पाने के लिए वैश्विक बैंकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, बैंकों के व्यवसाय परि²श्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और अब बैंकों को सनराइज सेक्टर की तलाश करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी बात की। दास ने माना कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसाय उछाल की क्षमता रखते हैं।

दास ने कहा, “स्टार्ट-अप, नवीनीकरण, लॉजिस्टिक्स, वैल्यू चेन और ऐसे अन्य संभावित क्षेत्रों को देखने की जरूरत है।”

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article सैमसंग का रहा वर्चस्व देश के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर वर्ष की पहली छमाही में
Next Article झूठी और घटिया सरकार राजस्थान के लिए कलंक है – किरण माहेश्वरी

Recent Posts

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: सोनपुर के होटल में बर्थडे पार्टी मना रहे युवक की संदिग्ध मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
  • पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?
  • बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर
  • ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?
  • आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

Recent Comments

No comments to show.
[Ruby_E_Template slug="time-related"]
[Ruby_E_Template slug="time-footer"]
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?