Jansandesh online hindi news

Heroshima Day: देखते ही देखते लाखो लोग हुए राख, पूरा शहर बना मौत का गढ़, हर ओर मच गई तबाही

 | 
Heroshima day

Heroshima Day: आज का दिन इतिहास में दर्द और दहशत की स्याही से लिखा गया है। आज के दिन को कोई नही भूल सकता क्योंकि आज के दिन जापान के एक बड़े शहर में मौत का तांडव हुआ था। देखते ही देखते हजारो लोग मौत के मुह में चले गए थे। शहर में शहर जैसा कुछ नही बचा था। पूरा शहर एक समतल भूमि बन गया था हर ओर महज राख ही राख दिख रही थी। क्योंकि आज के दिन अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर परमाणु हमला किया था। तब से अब तक हर साल आज का दिन यानी 6 अगस्त हिरोशिमा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

घटना आज से 77 साल पुरानी है सुबह 8 बजे का समय था। सुनहरा मौसम सबको लुभा रहा था लोग अपने घरों से निकलकर काम पर जा रहे थे। हिरोशिमा शहर में सभी गतिविधि सुचारु रूप से चल रही थी कि अचानक से वहां मातम पसर गया। आवाज आई बूम और एक ही झटके में पूरा शहर तहस नहस हो गया। अगर शहर में कुछ बचा तो सिर्फ राख हजारों लोग एक झटके में मौत की नींद सो गए।
क्योंकि उस दिन अमेरिका ने हिरोशिमा पर लिटिल बॉय नाम का परमाणु बम गिराया था। इसका वजन 4000 किलो था। इस बम में 65 किलो यूरेनियम भरा हुआ था। अमेरिका ने हिरोशिमा में तबाही मचाने के लिये इस परमाणु बम को एनोला नामक विमान में लोड करके हिरोशिमा में गिराया था। जानकारो का कहना है कि अमेरिका यह परमाणु बम AOE ब्रिज पर गिराना चाहता था लेकिन यह अपने लक्ष्य से कुछ दूर जाकर फटा और चंद सेकंडो में हिरोशिमा मौत का रेगिस्तान बन गया।
जब हिरोशिमा में परमाणु बम गिरा तो पूरा विश्व चिंता में जो गया। क्योंकि देखते ही देखते लाखो लोग मिट्टी में मिल गए। हर ओर चीखें पुकारे सुनाई देने लगी। धरती का तापमान बढ़ कर 4 हजार डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया। जापान  हिरोशिमा में हुए हमले के दुख से तहिमाम कर रहा था कि तीन दिन बाद अमेरिका ने जापान के नागासाकी में दूसरा परमाणु बम गिरा दिया। अमेरिका ने सुबह 11 बजे नागासाकी को तबाह किया। नागासाकी में इस हमले से 70 हजार से अधिक लोगो की सेकेंडो में मौत हो गई।
अमेरिका ने नागासाकी में जो बन गिराया वह पहले की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली था। इस बम का नाम फेटमैन था। इसका वजन 45 हजार किलो था। इस बम में 6.4 किलो प्लूटोनियम भरा था जो यूरेनियम से अधिक घातक होता है और वह यूरेनियम से ज्यादा तबाही मचा सकता है। नागासाकी में जब अमेरिका ने दूसरा परमाणु हमला किया तो पूरा जापान बिलख उठा हर किसी के मन मे दहशत थी। सबको डर सता रहा था कि कही अमेरिका पूरे जापान को तबाह न कर दे। 
जापान ने इन दो हमलों के बाद अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए। कहा जाता है यदि जापान अमेरिका के सामने न झुकता तो अमेरिका ने यह योजना बना ली थी कि वह पूरे जापान को तबाह कर देगा। जब जापान के राजा हितोहत्तो ने अमेरिका के सामने अपनी हार स्वीकार कर ली तब अमेरिका ने जापान के खिलाफ अन्य एटम बम का इस्तेमाल नही किया। जानकारी के लिए बता दें इस हमले का असर आज भी जापान में दिखाई देता है लोग आज भी परमाणु हमले की दहशत से नही निकल पाए हैं।
Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।