क्यों गालीबाज बनती जा रही है महिलाएं क्या अब यही हमारी संस्कृति है

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क्यों गालीबाज बनती जा रही है महिलाएं क्या अब यही हमारी संस्कृति है

क्यों गालीबाज बनती जा रही है महिलाएं क्या अब यही हमारी संस्कृति है


सम्पादकीय:- बीते दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो राष्ट्रीय राजधानी का है जहां एक महिला गार्ड पर बरस रही है। उसे खरी खोटी सुनाने में महिला ने कोई कसर नही छोड़ी। गार्ड उसकी उस अभद्रता से बचने का हर सम्भव प्रयास करता दिख रहा है। लेकिन महिला की जुबान नही रुक रही है। 

महिला गार्ड को जमकर गलियां दे रही है उसपर चिल्ला रही है। वह गार्ड पर जुबान और अपने शरीर से बरस रही है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया। महिलाएं सावालो के घेरे में थी। कि अचानक से सोशल मीडिया पर तीन लड़कियों का एक नया वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में जो लड़कियां मौजूद हैं वह उत्तरप्रदेश के कानुपर की है। वीडियो भी कानपुर के एक स्कूल का है।
यह लड़कियां आपस मे लड़ रही है एक दूसरे के बाल नोच रही है। गालियां दे रही है और गलियां भी मां बहन से जुड़ी हुई है। इन गालियों का बर्ताव देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि अब यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा बन गया है। गलियों में महिलाओं को टारगेट किया जाता है। एक तरीके से यह महिलाओं को बिना स्पर्श किए उनका बलात्कार करती है। लेकिन इस तरह महिलाओं का गाली देना क्या भारतीय संस्कृति को नष्ट कर देगा।

भारत में गाली-

अगर हम भारत के मर्दों की बात करें तो उनके लिए गाली देना आम बात रही है। मर्दाना समाज द्वारा गाली का उपयोग काफी समय से हो रहा है। लेकिन आज कल अचानक से गालियां ट्रेड बन गई है। जो जितनी अधिक गाली दे रहा है वह उतना अधिक नई सोसाइटी का हिस्सा है। 
आज समाज की दशा यह है कि लोग अपना दुख सुख व्यक्ति करने के लिए गाली का इस्तेमाल करते हैं। लोगो को लगता है गाली उनकी संस्कृति है इसके बिना अगर वह किसी से बात करते हैं तो वह आज के समाज से बाहर दिखाई देते हैं। 
आज कल गाली बच्चे को सिखाई नही जाती यह उसे वातावरण से मिल जाती है। घर मे परिजन उसे बताते हैं कि गाली गलत है लेकिन वह जिस समाज का हिस्सा होता है वह उन्हें यह गाली उपहार में दे देते है। इस उपहार को अब समाज खुशी के साथ स्वीकार करता है और धड़ाके से इसका इस्तेमाल करते हैं।
अगर हम भारतीय समाज मे दी जाने वाली गलियों की बात करे तो यह गालियां सीधे तौर पर महिलाओं को टारगेट करती है। गालियां सीधे तौर पर यौन अंगों पर हमला करती है। यह गालियां इतनी अभद्र होती है कि यह सीधे तौर पर महिलाओं का शब्दों के माध्यम से बलात्कार करती है।
आज के समय मे लोग गलियों का इस्तेमाल सिर्फ अपने स्वार्थ हेतु करते है। ज्यादातर लोग अपने मजे के लिये। लोगो को नीचा दिखाने के लिए सरेआम लोगो की बेज्जती करने के लिए करते हैं। लोग अब गाली के माध्यम से जहर उगलते है। यह सामान्य तौर पर पितृसत्ता का प्रदर्शन करता है।

लड़कियां क्यों पुरुष सा करती व्यवहार- 

आज गलियों का कोई जेंडर नही है। गलियों का इस्तेमाल महिलाएं भी उसी तरह करती है जिस तरह पुरूष करते हैं। स्त्री भी पुरुष की तरह सभी को धड़ाके से मां बहन की गलियां देती है। उन्हें यह करने में कोई शर्म नही आती है। लड़कियां गाली के माध्यम से अपने आप को ताकतवर दिखाने की कोशिश करती है। उन्हें लगता है यह गालियां उन्हें पुरुष की तरह बना देगी। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल भिन्न होती है।
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