Jansandesh online hindi news

चीन के बाद अब भारत मे बिजली का संकट 

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कमजोर होने के साथ ही भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी।
 | 
बिजली की दिक्कत अब भारत मे भी
सेन्ट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के आंकड़े

ऐसा नहीं है कि यह संकट अचानक पैदा हुआ है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कमजोर होने के साथ ही भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी। पिछले दो महीनों में ही बिजली की खपत में 2019 (प्री-कोविड) के उसी अवधि के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत की उछाल आई है। इसी दौरान वैश्विक स्तर पर कोयले की कीमतों में 40 प्रतिशत इजाफा हुआ जिससे भारत का कोयला आयात गिरकर 2 साल के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया। नतीजा सामने है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कोयला आयातक और चौथे सबसे बड़े स्टॉक वाले भारत के पास अब पर्याप्त स्टॉक ही नहीं है।  

सेन्ट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के आखिर तक देश में कोयले से चलने वाले कुल 135 पावर प्लांट्स में से आधे से ज्यादा के पास औसतन सिर्फ 4 दिनों तक का ही कोयला स्टॉक था। जबकि अगस्त की शुरुआत में यह औसत 13 दिनों का था। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए मौजूदा कोयला संकट से निपटना बहुत बड़ी चुनौती है।      

चीन के बाद अब भारत इस वक्त अभूतपूर्व बिजली संकट के मुहाने पर खड़ा है। वजह है कोयले की कमी। कोयले से चलने वाले देश के कुल 135 पावर प्लांट्स में से आधे से ज्यादा के पास महज 2-4 दिनों का ही कोल स्टॉक बचा है। वह भी ऐसे वक्त में जब त्योहारी सीजन शुरू है, जब बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। औद्योगिक और घरेलू बिजली खपत दोनों पीक लेवल पर होते हैं। 

Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।