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नोबेल शांति पुरस्‍कार मारिया रेस्‍सा और दिमित्री मुराटोव को देने का किया गया ऐलान 

 साल 2021 का नोबेल शांति पुरस्‍कार फिलिपिनेस की मारिया रेस्‍सा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुराटोव को देने का ऐलान किया गया है | 
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Nobel Peace Prize का एलान
10 दिसबंर को मिलेगा नोबेल

Nobel Peace Prize 2021: साल 2021 का नोबेल शांति पुरस्‍कार फिलिपिनेस की मारिया रेस्‍सा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुराटोव को देने का ऐलान किया गया है | नॉर्वे स्थित नोबेल कमेटी की तरफ से शुक्रवार को इसका ऐलान किया गया है | दोनों को अभिव्‍यक्ति की स्वतन्त्रता  (Freedom of Expression) की सुरक्षा करने के लिए इस वर्ष के शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित करने का फैसला किया गया है, जो स्थायी शांति के लिए पहली शर्त है | दुनियाभर में भूख और खाद्य असुरक्षा से लड़ाई के लिए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को पिछले साल शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था। 

 अभिव्‍यक्ति की आजादी लोकतंत्र और दुनिया में शांति के लिए बहुत जरूरी है | पिछले वर्ष नोबेल शांति पुरस्‍कार वर्ल्‍ड फूड प्रोग्राम को दिया गया था जिसे साल 1961 में तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति ड्वाइट आइश्‍नोवर की तरफ से शुरू किया गया था | इस प्रोग्राम का मकसद दुनिया में हर किसी को खाना मुहैया कराना था. 

मारिया रसा फिलीपीनो-अमेरिकन पत्रकार, लेखिका और फिलीपींस की ऑनलाइन न्यूज वेबसाइट Rappler की सह-संस्थापक हैं। वहीं दिमित्री मुरातोव रूस के पत्रकार और रूसी अखबार Novaya Gazeta एडिटर-इन-चीफ हैं। मारिया को फिलीपींस की सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता है। उन पर 11 मुकदमें दर्ज हैं और वह कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। 

पर्सन ऑफ द ईयर 2018 


2018 में टाइम मैग्जीन ने उन्हें पर्सन ऑफ़ द ईयर की उपाधि दी थी। यूनेस्को के अनुसार मारिया ने पत्रकारिता के दायरे को बढ़ाया है। विरोधाभास परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया। मारिया इससे पहले सीएनएन के लिए करीब दो दशक तक दक्षिण पूर्व एशिया में खोज पत्रकार के रूप में भी कम कर चुकी हैं। 'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' की ओर से शुरू किए गए सूचना और लोकतंत्र आयोग के 25 प्रमुख सदस्यों में से एक रसा भी हैं। 



इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड से सम्मानित 


 दिमित्री मुरातोव की रूसी अखबर नोवाया गजेटा को 'Committee to Protect Journalists' एकमात्र राष्ट्र्रीय प्रभाव वाला वास्तविक आलोचक अखबार मानता है। अखबार को संवेदनशील मुद्दों जैसे मानवाधिकार उल्लंघन या सरकारी भ्रष्टाचार पर विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। मुरातोव को 2007 में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बनाई गई समिति ने इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड से सम्मानित किया था। यह पुरस्कार मुरातोव के साहस के लिए दिया गया था क्योंकि हमलों और जेल की धमकियों के बीच भी वह अभिव्यक्ति की आजादी के लिए काम करते रहे। 

10 दिसबंर को मिलेगा नोबेल

इस साल यह पुरस्कार किसे मिलेगा, इसे लेकर कई तरह के अनुमान लगाए गए थे | नोबेल कमेटी की तरफ से इस बात का कोई संकेत नहीं दिया गया था कि किस व्यक्ति या समूह को इस सम्मान से नवाजा जाएगा | पिछले एक दशक में इस पुरस्कार से कई राजनयिक, डॉक्‍टर और राष्ट्रपति सम्मानित हो चुके हैं |

नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के उम्मीदवारों में बेलारूस की निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना तिखनोस्काया और रूसी विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी भी शामिल हैं. तिखनोस्काया ने 2020 में बेलारूस में शांतिपूर्ण विरोध का नेतृत्व किया, वह सट्टेबाजों की पसंदीदा हैं | जेल में बंद रूसी विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी भी विजेता हो सकते हैं. शांति के साथ ही बाकी नोबेल पुरस्कार हर साल 10 दिसंबर को प्रदान किए जाते हैं |

आलोचक अखबार को मिले इंटरनेशनल अवॉर्ड
मुरातोव ने 18 जनवरी 2010 को लीजन ऑफ ऑनर ऑर्डर मिला। अपने अखबार के लिए काम करते हुए भी उन्होंने वैश्विक स्तर पर कई अवॉर्ड जीते। 29 मई 2010 में उनके अखबार को अभिव्यक्ति की आजादी के लिए चार 'फ्रीडम अवॉर्ड' मिले थे। अब मुरातोव को मारिया रसा के साथ नोबेल शांति पुरस्कार मिल रहा है। उन्होंने यह पुरस्कार ऐसे समय पर दिया जा रहा है जब हांग कांग, चीन, उत्तर कोरिया, अफगानिस्तान जैसे देशों में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठ रहे हैं और सही सूचनाएं बाहर नहीं आ पा रही हैं।

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