Indus Water Treaty:  अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकवाद को बढ़ावा देकर संधि की मूल भावना को खत्म कर दिया।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और मित्रता की भावना से हुई थी, लेकिन पाकिस्तान ने पिछले पांच दशकों में अपने कदमों से इस भावना को कमजोर कर दिया।

न्यूज़वीक मैगज़ीन में प्रकाशित अपने लेख में क्वात्रा ने कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किसी एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही नीतियों की वास्तविकता को स्वीकार करने का कदम है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया फैसला

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान ने हाल ही में एक सम्मेलन आयोजित कर भारत के इस फैसले का विरोध किया था, जिसके बाद भारत की ओर से यह कड़ा संदेश सामने आया है।

‘संधि दोस्ती की भावना से हुई थी’

विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि सिंधु जल संधि की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से इसे दोनों देशों के बीच सद्भावना और मित्रता की भावना से किया गया समझौता बताया गया है। लेकिन पाकिस्तान ने लगातार अपने कदमों से इस भरोसे को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि भारत का फैसला केवल उस वास्तविकता को स्वीकार करना है, जिसे पाकिस्तान की नीतियों ने जन्म दिया है।

युद्ध और आतंकवाद का किया जिक्र

अपने लेख में भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने:

  • 1965, 1971 और 1999 में भारत के खिलाफ युद्ध किए।
  • दशकों तक सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया।
  • दोनों देशों के बीच विश्वास को लगातार कमजोर किया।

क्वात्रा ने संसद हमला (2001), मुंबई आतंकी हमला (2008), पठानकोट और उरी हमले (2016), पुलवामा हमला (2019) और पहलगाम हमला (2025) का भी उल्लेख किया।

‘पहले आतंकवाद खत्म करे पाकिस्तान’

भारतीय राजदूत ने कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने यहां मौजूद आतंकवादी ढांचे को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और द्विपक्षीय सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते। पाकिस्तान को अपनी नीतियों में बदलाव लाना होगा।

जल संकट पर भी पाकिस्तान को घेरा

विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान में बढ़ते जल संकट के लिए भारत नहीं, बल्कि वहां की खराब जल प्रबंधन नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जल उत्पादकता बढ़ाने, जल संरक्षण और घरेलू जल प्रबंधन व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

भारत का स्पष्ट संदेश

भारत ने एक बार फिर साफ किया है कि द्विपक्षीय समझौतों की सफलता केवल दस्तावेजों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और जिम्मेदार व्यवहार से तय होती है। भारत का मानना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को खत्म नहीं करता, तब तक सामान्य संबंधों की दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल होगा।