ब्राजील में लगी इमरजेंसी, जानिए बड़ी वजह

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ब्राजील में लगी इमरजेंसी, जानिए बड़ी वजह

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Medical Emergency in Brazil: ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वेनेजुएला की सीमा से लगे यानोमामी एरिया में मेडिकल इमरजेंसी की घोषणा हो चुकी है। वहीं यह फैसला सोने के अवैध खनन के कारण कुपोषण और अन्य बीमारियों से बच्चों के मरने की खबरों के बाद लिया गया है।
साथ ही नव नियुक्त राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा की सरकार की तरफ से शुक्रवार को जारी नोटिफिकेशन में यह कहा गया है कि घोषणा का उद्देश्य यानोमामी लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करना है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने खत्म भी कर दिया था।
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य केंद्र का किया था दौरा
अमेज़न पत्रकारिता मंच सुमाउमा के आंकड़ों के मुताबिक, बोलसनारो के 4 साल के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान 570 यानोमामी बच्चों की मृत्यु अलग-अलग बीमारियों से हुई भी थी। वहीं इन बच्चों की मौत मुख्य रूप से कुपोषण के साथ-साथ मलेरिया, डायरिया और वाइल्डकैट गोल्ड माइनर्स द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारे के कारण होने वाली विकृतियों से भी हुई है।
मौजूदा राष्ट्रपति लूला ने शनिवार को रोराइमा राज्य में बोआ विस्टा में एक यानोमामी स्वास्थ्य केंद्र का दौरा भी किया, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और अन्य मरीज भर्ती भी थे। यहां केंद्र में भर्ती मरीजों की तस्वीरें डराने वाली रही थीं और उनकी पसलियां पतली दिखाई दे रहीं थीं। 
साथ ही लूला ने दौरे के बाद ट्विटर पर लिखा, "मैंने रोराइमा में जो देखा वह मानवीय संकट से अधिक, नरसंहार का था। साथ ही यानोमामी के खिलाफ एक पूर्व-निर्धारित अपराध, जो पीड़ा के प्रति असंवेदनशील सरकार की ओर से किया गया था"
वहीं इस दौरे के बाद सरकार ने इस एरिया के लिए खाद्य पैकेजों की घोषणा भी की है। इस एरिया में करीब 26 हजार लोग रहते हैं और इस एरिया में सोने की माइनिंग भी की जाती है। साथ ही बताया जाता है कि 2018 में बोल्सनारो के सत्ता में आने के बाद से ही यहां अवैध खनन तेजी से बढ़ा और स्थानीय लोगों का शोषण भी शुरू हुआ है। साथ ही इस वजह से यहां हिसां की घटनाएं और भी बढ़ी हैं।

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