क्या किम जोंग उन बरसा रहे पुतिन पर प्यार

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क्या किम जोंग उन बरसा रहे पुतिन पर प्यार

क्या किम जोंग उन बरसा रहे पुतिन पर प्यार


विदेश: किम जोंग उन को कौन नही जानता। इनका नाम आज के तानाशाह के रूप में विख्यात है। वही रूस जो इस समय युक्रेन को तबाह करने पर आमादा है और अपनी ताकत से उसे धराशायी करना चाह रहा है। यह दोनो देश कभी भी कोई मौका नही छोड़ते जहाँ वह अपने सामर्थ्य का प्रदर्शन न करते हो। लेकिन अब इस बीच कोरिया और रूस के मध्य प्यार उमड़ा है। सदियों बाद दोनो देशो में नजदीकियां बढ़ने लगी है।

दोनो देशो के रिश्ते में बढ़ रही नजदीकियों पर मुहर तब लग गई। जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को एक पत्र लिखा और उसमें दोनो देशो के सम्बंध को मजबूत बनाने के लिये वह हर सम्भव प्रयास करेंगे। ऐसा दावा किया। वही उनके पत्र का जवाब देते हुए किम जोंग उन ने कहा हम विरोधियों को जवाब देने के लिए एक साथ है। हमारे सम्बंध उच्च स्तर के है। 
इन दोनों देशों के बीच एक मजबूत रिश्ते की नींव तब पड़ी जब साल 2019 में पूर्वी रूस के शहर व्लादिवोस्तोक में एक ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन हुआ और यह दोनो देश करीब आये। इस रिश्ते को रूस और कोरिया ने वफादारी के साथ निभाया है। रूस के खिलाफ जब भी कोई खड़ा हुआ है तो कोरिया ने उसके खिलाफ खुलकर बोला है। 
किम जोंग उन ने युक्रेन रूस युद्ध मे रूस की नीतियों का समर्थन किया था और यूक्रेन की आलोचना की थी। ऐसा कोई भी मौका नही गया जब इस रिश्ते को मजबूत करने के लिए कोरिया की ओर से वफादारी भरे कदम न उठाएं गए हो।
जब यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों में रूस ने अपना नियंत्रण जताया और दावा किया कि इसपर उनका अधिपत्य है। तो किम जोंग उन उनके समर्थन में खड़े हुए। उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर मुख्य धारा की मीडिया में पुतिन की तारीफ के पुल बांध दिए। किम जोंग उन ने हमेशा अपने और रूस के रिश्ते को तबज्जूब दिया।

जाने किसको होगा किम और पुतिन के रिश्ते से नुकसान:-

अगर रूस और कोरिया की नजदीकियां बढ़ती है। तो इसका सबसे ज्यादा प्रभाव चीन पर होगा। चीन के साथ कोरिया के आर्थिक सम्बंध है। दोनो देशो का व्यापारिक स्तर काफी ज्यादा है। लेकिन अब जब कोरिया के रूस के साथ अच्छे संबंध तो कोरिया रूस के साथ अपने व्यापारिक सम्बंध भी बढाना चाह रहा है। इससे रूस और कोरिया के रिश्ते में मजबूती बढ़ेगी और चीन के साथ कोरिया का व्यापार कम होगा।
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