भारत का कर्तव्य है वह विकासशील देशों की आवाज बनें और उनके साथ चले

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भारत का कर्तव्य है वह विकासशील देशों की आवाज बनें और उनके साथ चले

Indian foreign minister s jayshkar


देश- भारत विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीतियों का वैश्विक स्तर पर सम्मान किया जा रहा है। वहीं भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि विकासशील देशों की आवाज बनना भारत का धर्म है। आज जो देश संकट में हैं वह भारत से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। 
उन्होंने आगे कहा, विकासशील देशों के लिए हमारी अर्थव्यवस्था बड़ा उदाहरण बनी है। वह लोग देश तेल, खाद्य और उर्वरक की बढ़ती कीमतों के कारण चिंतित हैं। 
उन्हें हमारी आवश्यकता है। हमारा यह कर्तव्य है हम उनके साथ खड़े हों क्योंकि वह हमारी ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। आने वाले समय मे 100 देश एक साथ बैठ कर इस विषय पर बात करेंगे।
उनका यह बयान उस भाषण के बाद सामने आया जिसमे यह कहा गया था कि भारत 12 और 13 जनवरी को श्विक दक्षिण के देशों को एक साथ लाने और विभिन्न वैश्विक चुनौतियों से संबंधित उनकी सामान्य चिंताओं, हितों और दृष्टिकोण को साझा करने के लिए एक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

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