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IS-K ने अफगानिस्तान में मस्जिद में हुए बम धमाके की ली जिम्मेदारी 

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IS-K ने अफगानिस्तान में मस्जिद में हुए बम धमाके की ली जिम्मेदारी 

काबुल

आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट खुरासान (IS-K) ने अफगानिस्तान में मस्जिद में हुए बम धमाके (Afghanistan Mosque Attack) की जिम्मेदारी ली है. उत्तरी अफगानिस्तान में शिया मुस्लिम नमाजियों से भरी एक मस्जिद में शुक्रवार को बम धमाका हुआ था. इस हमले में कम से कम 46 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए.

Afghanistan पर Taliban के कब्जे के बाद क्या होगा?

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद यह देश पाकिस्तान के बाद आतंकियों का बड़ा ट्रेनिंग ग्राउंड बन सकता है. तालिबान कह चुका है कि उसका टारगेट अफगानिस्तान में इस्लामिक सरकार को स्थापित करना है. तालिबानी आतंकी अफगानिस्तान के संविधान की जगह देश में इस्लामिक शरिया कानून लागू कर सकते हैं. (फाइल फोटो/साभार- रॉयटर्स)

आईएस से जुड़ी अमाक समाचार एजेंसी ने कुंदुज प्रांत में मजिस्द में दोपहर की नमाज के दौरान हुए विस्फोट की घटना के कुछ घंटे बाद इस दावे की जानकारी दी. बता दें कि इस्लामिक स्टेट खुरासान ने ही अगस्त के आखिरी हफ्ते में काबुल एरपोर्ट पर हमला किया था.

अपने टेलीग्राम चैनलों पर जारी एक बयान में, जिहादी समूह – इस्लामिक स्टेट (ISIS) के एक सहयोगी – ने कहा कि उसके आत्मघाती हमलावर ने एक मस्जिद के अंदर जमा हुए शिया मुसलमानों की भीड़ को निशाना बनाया. हमलावर ने एक विस्फोटक से लगी बनियान पहन रखी थी.

क्या है हमले की वजह?

अपने दावे में आईएस ने आत्मघाती हमलावर की पहचान एक उइगर मुस्लिम के तौर पर की और कहा कि हमले में शियाओं और तालिबान दोनों को निशाना बनाया गया जो कि चीन से उइगरों की मांगों को पूरा करने में बाधा बन रहे हैं. तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि 46 नमाजियों की मौत हो गई जबकि 143 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच जारी है.

शिया को क्यों बनाया निशाना?

इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकवादियों का अफगानिस्तान के शिया मुस्लिम अल्संख्यकों पर हमला करने का लंबा इतिहास रहा है. शुक्रवार को जिन लोगों को निशाना बनाया गया, वे हजारा समुदाय से हैं, जो सुन्नी बहुल देश में लंबे समय से भेदभाव का शिकार बनते रहे हैं. यs हमला अमेरिका और नाटो सैनिकों की अगस्त के आखिर में अफगानिस्तान से वापसी और देश पर तालिबान के कब्जे के बाद एक भीषण हमला है.

नमाज़ के दौरान धमाका

गोजर ए सैयद अबाद मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान विस्फोट ऐसे समय में हुआ है, जब तालिबान सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है और उसके लिए यह एक नयी सुरक्षा चुनौती है.  प्रत्यक्षदर्शी अली रेजा ने बताया कि वह विस्फोट के वक्त नमाज अदा कर रहे थे और उन्होंने कई हताहतों को देखा घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियो में बचावकर्मी मस्जिद से कंबल में लिपटे शवों को एंबुलेंस में रखते दिखाई देते हैं. 

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