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ताइवान और चीन के बीच तनाव और तेजी से बढ़ा 

ताइवान के मंत्री ने कहा है कि चीन की सेना ने अगर उनके देश पर हमला किया तो फिर युद्ध का बराबर जवाब दिया जाएगा. 
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आखिर क्या करना चाहता है चाइना 

ताइवान और चीन के बीच तनाव (China Taiwan Tension) अब बढ़ता ही जा रहा है. ताइवान (Taiwan) के विदेश मंत्री ने एक इंटरव्‍यू में चीन को युद्ध के प्रति आगाह किया है. ताइवान के मंत्री ने कहा है कि चीन की सेना ने अगर उनके देश पर हमला किया तो फिर युद्ध का बराबर जवाब दिया जाएगा. 

सुर्खियों से पता चला है की ताईवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने चेतावनी दी है कि चीन के साथ युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. वू ने कहा, ‘ताईवान की रक्षा हमारे हाथ में है और उसे लेकर हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. मुझे पूरा यकीन है कि अगर चीन ताईवान पर हमला करता है तो उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ेगा.’ इसके साथ ही उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया से मदद भी मांगी है. 

द्वीप पर कब्‍जे की हरगिज कोशिश न करें 

चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान के कब्‍जे को असहनीय करार दिया है. साथ ही चीन ने अपनी सैन्‍य और राजनयिक तैयारियों को भी बढ़ा दिया है. शुक्रवार को जब चीन का नेशनल डे था तो उस समय चीन ने एक के बाद एक वॉरप्‍लेंस को ताइवान की तरफ भेजा था. शुक्रवार से लेकर अब तक चीन की तरफ से करीब 150 फाइटर जेट्स को ताइवान की तरफ भेजा जा चुका है. ताइवान की राष्‍ट्रपति साइ इंग ने चीन को वॉर्निंग दी है कि अगर ताइवानी द्वीप पर चीन ने कब्‍जे की कोशिश की तो फिर इसका परिणाम बहुत बुरा होगा. 

चीन की ग‍तिविधियों में आई तेजी

गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में ताईवान के इर्दगिर्द अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं जिस कारण इलाके में काफी चिंता का माहौल है. पिछले हफ्ते चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 120 से ज्यादा विमान ताईवान के एयर डिफेंस आईडेंटिफिकेशन जोन में उड़ान भरते देखे गए थे. बीते शनिवार को चीन का राष्ट्रीय दिवस था. उसी दिन पीएलए के 39 विमान ताईवानी इलाके में उड़ान भरकर आए. इनमें परमाणु हथियार ले जा सकने वाले लड़ाकू विमान भी शामिल थे. इस घटना की ताईवान के अलावा अमेरिका ने भी निंदा की थी.

आखिर क्‍या चाहता है चीन

सोमवार को ताईवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पीएलए के 50 से ज्यादा विमानों ने उनके क्षेत्र में प्रवेश किया, जो अब तक की सबसे बड़ी गतिविधि थी. पीएलए के विमान द्वीपीय देश ताईवान की सीमा के 200 से 300 किलोमीटर दूर तक पहुंच गए थे, जो ताइपे के लिए परेशान करने वाला है. ताईवान कई बार कह चुका है कि उसे चीन के हमले का डर सता रहा है.

चीन मामलों के विशेषज्ञ, मेलबर्न यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर प्रदीप तनेजा कहते हैं कि ताईवान का यह डर झूठा नहीं है. प्रोफेसर तनेजा ने कहा, ‘चीन ने ऐसा कभी नहीं कहा है कि वह ताईवान पर शक्ति का इस्तेमाल नहीं करेगा. चीन का मकसद है ताईवान को अपने अंदर मिलाना. उसने कहा है कि उसके लिए ताकत इस्तेमाल करनी पड़ती है तो वह करेगा.’

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