Guru teg Bahadur jayanti: औरंगजेब के आदेश पर दी गई थी फाँसी, आज भी मौजूद हैं साक्ष्य

जनसंदेश ऑनलाइन ताजा हिंदी ख़बरें सबसे अलग आपके लिए

  1. Home
  2. खास खबर

Guru teg Bahadur jayanti: औरंगजेब के आदेश पर दी गई थी फाँसी, आज भी मौजूद हैं साक्ष्य

Image


डेस्क। गुरु तेग बहादुर नौवें सिख गुरु थे और सिख धर्म के संस्थापकों में से एक थे। गुरु तेग बहादुर की शहादत को हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के रूप में मनाया भी जाता है। यहां उनके कुछ शक्तिशाली और प्रेरक उद्धरण आज हम आपको बताएंगे।
गुरु तेग बहादुर नौवें सिख गुरु थे और सिख धर्म के संस्थापकों में से थे। वह छठे सिख गुरु, गुरु हरगोबिंद के सबसे छोटे पुत्र थे और उनका जन्म 1621 में अमृतसर में हुआ था। बता दें वे दिल से कवि और गहरे आध्यात्मिक भी थे। उन्होंने शरीर, मन, दुःख, मानवीय लगाव, गरिमा, सेवा, मृत्यु और उद्धार पर विस्तार से लिखा और उनके कई भजन गुरु ग्रंथ साहिब भगवान का हिस्सा हैं।
बता दें उन्होंने ढाका से असम तक विभिन्न स्थानों की यात्रा करके अपने पहले सिख गुरु, गुरु नानक के ज्ञान और शिक्षाओं का प्रसार भी किया। उन्होंने सामुदायिक जल कुओं और लंगरों की स्थापना की दिशा में भी काम करा है जो गरीबों को भोजन प्रदान करते थे।
गुरु तेग बहादुर की शहादत को हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के रूप में मनाया भी जाता है। उन्हें दिल्ली में छठे मुगल बादशाह औरंगजेब के आदेश पर फाँसी दी गई थी। दिल्ली में सिख पवित्र परिसर गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में गुरु तेग बहादुर के निष्पादन और दाह संस्कार के स्थानों को चिह्नित भी करते हैं।
Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

और पढ़ें -

राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश