इस नदी में मिलने वाले विशेष पत्थर से बनेगी भगवान राम की मूर्ति, जानिए महत्त्व

जनसंदेश ऑनलाइन ताजा हिंदी ख़बरें सबसे अलग आपके लिए

  1. Home
  2. खास खबर

इस नदी में मिलने वाले विशेष पत्थर से बनेगी भगवान राम की मूर्ति, जानिए महत्त्व

Image


डेस्क। Nepal Kaligandaki Stone: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण काफी तेज गति से जारी है। वहीं मंदिर निर्माण को लेकर हाल ही में सामने आया था कि अब तक 40 से 50 फीसदी काम पूरा भी हो चुका है।
ऐसे में इस साल अक्टूबर तक राम मंदिर का पहला चरण पूरा भी किया जाएगा और 1 से 14 जनवरी 2024 के बीच प्राण प्रतिष्ठा कभी भी की जा सकती है। ऐसे में भगवान राम की मूर्ति के लिए शिलाओं के चयन का काम भी किया जा रहा है।
वहीं इसी कड़ी में खबर सामने आई है कि नेपाल की कालीगंडकी नदी (Kaligandaki River) की शिलाओं से अयोध्या में भगवान श्रीराम की मूर्ति बनेगी जो महीने के अंत तक आने भी वाली हैं।
नेपाल की कालीगंडकी नदी से लगभग 7 फीट लंबी और 350 टन से ज्यादा वजनी दो शिलाएं अयोध्या पहुंचने वाली हैं जिसका उपयोग भगवान राम की मूर्ति को तराशने के लिए होगा। बता दें नेपाल के जानकी मंदिर (जनकपुर) के पुजारियों ने इसकी जानकारी लोगों से साझा की है। हालांकि अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के एक अधिकारी के मुताबिक गौर करने वाली बात यह भी है कि अभी भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अयोध्या में बनने वाली मूर्ति के लिए नेपाल के पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा या फिर नहीं।
शालिग्राम पत्थर से बनेगी भगवान राम की मूर्ति
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कालीगंडकी नदी के पत्थरों की खोज बेनी से लेकर उत्तर गलेश्वरधाम तक लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र में की जा रही थी। विशेषज्ञों की टीम कालीगंडकी में शालिग्राम पत्थर की पहचान करने के काम में जुटी हुई थी। वहीं बता दें कि कालीगंडकी ही विश्व की एकमात्र नदी है, जिसमें शालिग्राम के पत्थर मिलते हैं। द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को नेपाल के म्यागडी जिले में कालीगंडकी नदी के तट पर विशाल हिमालय के पत्थरों की पूजा करने के लिए पुजारियों, स्थानीय नेताओं और बेनी नगर पालिका के निवासियों का एक समूह इकट्ठा भी हुआ था।
क्या है कालीगंडकी नदी का महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नेपाल की कालीगंडकी को शालिग्राम शिलाओं के कारण ही एक पवित्र नदी माना जाता है वहीं ये 'पवित्र' कालीगंडकी, जिसे नारायणी के नाम से भी जाना जाता है, शालिग्राम शिला का एकमात्र स्रोत है। और नदी के तल से इन पत्थरों को इकट्ठा भी कर लिया जाता है।इसे भगवान विष्णु के रूप में पूजा जाता है। और भगवान राम भी भगवान विष्णु के ही अवतार माने जाते हैं। ऐसे में पवित्र पत्थरों को निकालकर राम मंदिर अयोध्या पहुंचाया जाना है।

और पढ़ें -

राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश