ये हैं दुनिया की सबसे जहरीली शराब, नीट पीने पर पाबंदी

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ये हैं दुनिया की सबसे जहरीली शराब, नीट पीने पर पाबंदी

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डेस्क। क्या आपके बार में अधिकतम 40 प्रतिशत अल्कोहल मिलेगी? लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी वाइन भी हैं जिनकी ABV (वॉल्यूम के हिसाब से अल्कोहल पर्सेंटेज) 80% या 90% से भी ज्यादा है।
ये अल्कोहल से भरपूर पेय हैं जो अगर आप उन्हें अच्छी तरह से याद करते हैं तो ये आपकी जान भी ले सकते हैं।
दुनिया भर में ऐसे डिस्टिलर हैं जो अपने अल्कोहल प्रतिशत के लिए दुनिया में जाने जाते हैं। वाइन, वोदका, व्हिस्की, रम, चिरायता और शैंपेन में भी अलग-अलग मात्रा में अल्कोहल मौजूद होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही अल्कोहल ब्रांड्स के बारे में बताएंगे जिनमें 50 फीसदी से भी ज्यादा अल्कोहल मौजूद होती है।
भारत में आमतौर पर 50 प्रतिशत से अधिक स्ट्रेंथ वाले पेय मौजूद नहीं हैं। लेकिन यहां हम आपको कुछ ऐसी ड्रिंक्स के बारे में बताएंगे जिन्हें पीना यहां सख्त मना है। वहीं इसका एक घूंट लोगों की जान तक ले सकता है। खास बात यह है कि इन बोतलों पर एक दर्जन चेतावनियां भी लिखी हुई हैं। ये बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होते और इन्हें आयात भी नहीं किया जा सकता वहीं इससे यह पता चलता है कि यह कितना खतरनाक है।
बता दें इस शराब का इस्तेमाल हमेशा कॉकटेल ड्रिंक्स के लिए किया जाता है। इसे सिर्फ जूस आदि में मिलाकर आसानी से गले से नीचे उतारा जा सकता । इसके अलावा, इस शराब का उपयोग औषधीय प्रयोजनों के लिए भी होता  है।
आपको बता दें कि भारत में मादक पेय पदार्थों की ताकत को मापने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इकाई 'प्रतिशत इथेनॉल मात्रा' या% v/v होती है। वहीं आमतौर पर भारत में बिकने वाली शराब की बोतलों पर शराब का प्रतिशत 42.8% VV बताया गया है। 
 इसमें 42.8% अल्कोहल होता है। वहीं विदेश जैसे अमेरिका में शराब की तीव्रता को प्रूफ में मापा जाता है। %VV में तीव्रता आमतौर पर साक्ष्य से आधी होती है। मतलब 100 सबूत यानी 50% वी/वी ताकत। 
 तो आइए जानते हैं दुनिया की उन वाइन के बारे में जिनमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होती है और जिन्हें  पीने से मना किया जाता है।
बाल्कन 176 वोदका: सर्बिया में बनी इस वोदका में 88 प्रतिशत तक अल्कोहल होता है। इसकी बोतल पर 13 तरह की स्वास्थ्य चेतावनियां भी अंकित हैं। इसे पानी की तरह  पीना जहर के समान है।
सनसेट वेरी स्ट्रांग रम: कैरिबियाई द्वीप सेंट विंसेंट में बनी इस रम में अल्कोहल की मात्रा 84.5 प्रतिशत होती है। वहीं उद्देश्य भूलकर भी नशे में नहीं होना चाहिए। इसे जूस या किसी और चीज के साथ मिलाकर सेवन करना बहुत सही होता है।  
बकार्डी 151: कैरेबियन द्वीप प्यूर्टो रिको के इस रम में अल्कोहल की मात्रा 75.5 प्रतिशत तक होती है और यह इस मायने में अद्वितीय है कि यह स्टील की बोतल में फ्लेम अरेस्टर कैप के साथ प्रस्तुत होता है। अल्कोहल की मात्रा अधिक होने के कारण इसे आग से बचाने के लिए इस तरह से पैक किया जाता है कि हम भी सीधे तौर पर इस रम को पीने से इनकार करते हैं। इस रम को बनाने में दाल का प्रयोग होता है।

खतरनाक मादक पेय एवरक्लियर 190: स्वीटकॉर्न से बने इस अमेरिकी स्पिरिट में 95 प्रतिशत तक अल्कोहल होता है। शराब की अधिकता के कारण इसे कई अमेरिकी राज्यों में प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। इसकी बोतल पर कई चेतावनियां भी छपी हुई होती हैं। इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। इसका उपयोग जीवाणुरोधी या रूम स्प्रे के रूप में भी होता है।
Bruichladdich X4 चौगुनी व्हिस्की: स्कॉटलैंड में निर्मित, यह व्हिस्की एक चौगुनी आसवन प्रक्रिया से होकर गुजरती है। इसमें 92% अल्कोहल की मात्रा है। वहीं यह अब तक की सबसे मजबूत सिंगल माल्ट व्हिस्की होने का दावा भी करती है। 
Hapsburg Absinthe XC: Absinthe हरे रंग का नशीला पदार्थ होता है। शराब की तीव्रता के मामले में इटली का हैप्सबर्ग एब्सिन्थ भी XC होता है। इसमें 89.9% अल्कोहल मौजुद है। इसका उपयोग अन्य पेय के साथ ही मिलाने के लिए होता है।
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