राष्ट्रीय35 साल का युवा बन गया राष्ट्रपति, वामपंथी विचारों का है कट्टर समर्थक !

35 साल का युवा बन गया राष्ट्रपति, वामपंथी विचारों का है कट्टर समर्थक !

आपको भारत से लगभग 17 हजार किलोमीटर दूर दक्षिण अमेरिका के एक देश चिली से आई एक खबर के बारे में बताएंगे, जिसमें हमारे देश के लिए एक बड़ी सीख छिपी है और वो सीख ये है कि युवाओं की ताकत को कभी भी कम नहीं समझना चाहिए. चिली में वामपंथी नेता गेब्रियल बोरिच ने राष्ट्रपति चुनाव में 56 प्रतिशत वोट शेयर के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. वो चिली के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं. उनकी उम्र सिर्फ 35 वर्ष है. इसके अलावा वर्ष 2012 में चिली में वोटिंग अनिवार्य होने के बाद से किसी भी नेता को मिला ये सबसे विशाल जनसमर्थन है.

देश के लाखों युवाओं ने 35 साल के गेब्रियल बोरिच को राष्ट्रपति बनाया है. जैसे ही चुनाव के नतीजों का ऐलान हुआ, उसके बाद चिली की राजधानी में सड़कें लोगों से भर गईं. अगर किसी देश के युवा तय कर लें तो वो सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय भी लिख सकते हैं. इस जीत के पीछे उन वादों ने बड़ी भूमिका निभाई, जो युवाओं से किए गए थे.

गेब्रियल बोरिच ने लोगों पर पड़ने वाले शिक्षा और स्वास्थ्य के खर्च को कम करने की बात कही. जलवायु परिवर्तन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया. मानव अधिकारों की सुरक्षा और ट्रांसजेंडर्स की मदद और उनकी सुरक्षा के वादे किये. चिली के इतिहास में वर्ष 1973 के बाद पहली बार कोई ऐसा राष्ट्रपति चुना गया है, जो वामपंथी विचारों का कट्टर समर्थक है. गेब्रियल बोरिच ने दक्षिणपंथी नेता को हराया है, जिनका चुनाव में वोट शेयर 44 प्रतिशत रहा जबकि बोरिच को 56 प्रतिशत वोट मिले.

गेब्रियल बोरिच का जन्म वर्ष 1986 में हुआ था और उन्होंने चिली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है. हालांकि कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति से जुड़ने के कारण वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और 2011 में उन्होंने पॉलिटिक्स जॉइन कर ली. आज वहां से आई तस्वीरें सबको देखनी चाहिए, ताकि आप किसी भी देश के युवाओं की ताकत को समझ सकें.

Hot this week

Related Articles

Popular Categories