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Home » Blog » Coronavirus: खतरा अभी टला नहीं, केंद्र सरकार को दी रिपोर्ट में नेशनल सुपर मॉडल समिति ने बताईं ये जरूरी बातें
राष्ट्रीय

Coronavirus: खतरा अभी टला नहीं, केंद्र सरकार को दी रिपोर्ट में नेशनल सुपर मॉडल समिति ने बताईं ये जरूरी बातें

admin
Last updated: April 17, 2026 1:40 pm
admin
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कानपुर कोरोना वायरस का खतरा कम जरूर हुआ है, लेकिन अभी टला नहीं है। इस वक्त लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। बचाव के साधनों का इस्तेमाल नहीं करने से महीने भर के अंदर 25 लाख नागरिक संक्रमित हो सकते हैं। नेशनल सुपर मॉडल समिति ने यह गणितीय रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपी है। इस समिति ने भारत में कोविड-19 महामारी के अंतर्गत उसका असर, उसकी रोकथाम के निदान व लॉकडाउन के प्रभाव पर अपनी विशेष रिपोर्ट बनाई है।

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नेशनल सुपर मॉडल समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि समय पर हुए लॉकडाउन ने तबाही रोक दी अगर ज्यादा ढील दी गई तो 25 लाख संक्रमित संख्या पहुंच सकती है। राहत के बाद भी संक्रमण जारी और जरा सी असावधानी भारी पड़ सकती है।

विशेषज्ञों की समिति में शामिल आइआइटी कानपुर के पूर्व उपनिदेशक व साइबर सिक्योरिटी सेल सी-3 आई के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि कोविड-19 को लेकर किए गए गणितीय विश्लेषण में तीन निष्कर्ष निकले। पहला निष्कर्ष यह रहा कि मार्च के महीने में लॉकडाउन सही समय पर हुआ। अगर यह लॉकडाउन एक हफ्ते बाद होता तो संक्रमित नागरिकों की संख्या अधिक होने के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ जाता। दूसरा निष्कर्ष निकला कि लॉकडाउन के बाद प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटकर आए। उनके अपने घर बिहार व उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों में आने से कोरोना फैलने का जो अंदेशा था, वह गलत साबित हुआ।

जिन प्रदेशों में प्रवासी श्रमिक अधिक संख्या में लौटकर आए। वहां पर कोविड-19 के संक्रमितों का डाटा उसके अनुसार प्राप्त नहीं हुआ। तीसरा व भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह निकला है कि अब हम बेहतर स्थिति में आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की और अधिक जरूरत है। इसका उदाहरण यूरोप के ऐसे देश हैं, जिनमें सावधानी हटने के साथ ही संक्रमण इतनी तेज गति से बढऩे लगा कि नियंत्रण करना मुश्किल हो रहा है।

लॉकडाउन की जरूरत नहीं, सावधानी ही बचाव

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि लॉकडाउन की जरूरत नहीं है केवल सावधान रहकर इस नाजुक घड़ी में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों की समिति में प्रो. अग्रवाल के अलावा आइआइटी हैदराबाद के प्रो. एम विद्यासागर, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एमओडी मुख्यालय के लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू के प्रो. विमान बागची, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर के प्रो. गगनदीप कांग, इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट कोलकाता के प्रो. अरुप बोस व प्रो. संकर के पाल शामिल हैं।

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