जयपुर/अलवर। मंगलवार 11 जनवरी की रात को अलवर में हुई गैंगरेप की घटना ने दिल्ली के निर्भया कांड के जख्म को ताजा कर दिया। निर्भया कांड की तरह अलवर में दरिंदों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम देते हुए पीड़िता के प्राइवेट पार्ट को बुरी तर जख्मी कर दिया। दरिंदों ने नुकीले हथियार से पीड़िता के नाजुक अंगों पर हमला किया। फिलहाल पीड़िता जयपुर के जेके लॉन अस्पताल में भर्ती है। उसे बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम ने अब सर्जरी की है।
घटना की जांच के लिए पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सीसीटीवी फुटेज में तिजारा फाटक ओवरब्रिज से शाम 7:00 बजे एक प्राइवेट बस निकलती हुई नजर आ रही है। उस समय तक पीड़िता घटनास्थल पर नहीं थी। बस के गुजरने के बाद पीड़िता ओवरब्रिज के नीचे पाई गई। ऐसे में पुलिस अधिकारी उस प्राइवेट बस का पता लगाने में जुटे हैं।महिलाओं के खिलाफ अत्याचार मामलों में राजस्थान सबसे बदनाम है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामले राजस्थान में हैं।
हालांकि पुलिस दावा करती है कि दर्ज मुकदमों में 43 प्रतिशत मामले झूठे पाए जाते हैं लेकिन पिछले दिनों हुई कुछ घटनाओं ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। मंगलवार को अलवर में एक मूक बधिर नाबालिग लड़की के साथ दिल्ली की ‘निर्भया’ की तरह दरिंदगी हुई। गैंगरेप के बाद उसे ऑवरब्रीज से नीचे फैंक दिया गया। उसकी जान बचाने के लिए डाॅक्टरों ने अलवर से जयपुर रेफर किया, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी सर्जरी की गई है।
अलवर की इस ‘निर्भया’ के साथ हुई ज्यादती और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ताे कहा है कि प्रदेश में बेटियां आए दिन दरिंदों की हवस का शिकार हो रही हैं, लेकिन सरकार शून्य हो गई है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक न मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई बयान आया है न ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि चार दिन पहले ही भरतपुर में भी गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग ने जहर खाकर जान दे दी थी। इन दोनों घटनाओं ने आमजन को झकझोर कर रख दिया है।
राजस्थान में महिलाएं पूरे देश में सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। ऐसा एनसीआरबी के आंकड़ों के हवाले से कहा जा रहा है। आंकड़ों में दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान पहले नंबर पर है। पिछले साल जारी आंकड़ों में राज्य में कुल 5 हजार 310 मामले घरेलु हिंसा के दर्ज किए गए। यह आंकड़े अपराध के मामले में आम तौर पर बदनामी झेलते रहे यूपी से करीब दोगुने हैं।
#Alwar में मूक-बधिर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के बाद पुलिया पर फेंकने की घटना ने ना सिर्फ #Rajasthan को शर्मसार किया है, बल्कि कांग्रेस सरकार की लचर कानून व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। प्रदेश में बेटियां आए दिन दरिंदो की हवस का शिकार हो रही हैं, लेकिन सरकार शून्य हो गई है।
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) January 12, 2022
