नई दिल्ली। कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मतभेद सार्वजनिक हो जाने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आंतरिक चुनाव पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले कई दशकों से हमारे पास पार्टी में निर्वाचित निकाय नहीं हैं। शायद हमें 10-15 साल पहले ही इसे करना चाहिए था। अब हम चुनाव के बाद चुनाव हार रहे हैं। अगर हमें वापसी करनी है तो हमें चुनाव कराके अपनी पार्टी को मजबूत करना होगा। इस बयान के बाद लोग सोशल मीडिया पर गुलाम नबी आजाद पर तंज कस रहे हैं।
It took him decades to move from his first name to his last. https://t.co/59lIqn2BIi
— Kansara (@kansaratva) August 27, 2020
नेतृत्व पर कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर का मतभेद हाल ही में सार्वजनिक हो गया था। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी संगठन में पूरी तरह फेरबदल को लेकर अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी को पत्र लिखा था। हालॉंकि, पार्टी कार्यसमिति की बैठक में पत्र लिखने वाले नेताओं की मंशा पर सवाल उठाते हुए उनकी आलोचना की गई थी।
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कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि हर राज्य और जिला अध्यक्ष, यहाँ तक की पूरे सीडब्ल्यूसी का भी चुनाव होना चाहिए। उन्होंने पार्टी के निर्धारित मानकों पर निशाना साधा और यहाँ तक घ्घ्कि गाँधी के नेतृत्व को लेकर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल किया।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आजाद ने कहा, “कॉन्ग्रेस के आंतरिक कामकाज में जिस किसी की भी वास्तविक रुचि होगी तो वह हर राज्य और जिले के अध्यक्ष के चुनाव के हमारे प्रस्ताव का स्वागत करेगा। पूरी कॉन्ग्रेस कार्यसमिति का चुनाव होना चाहिए।
आजाद ने आगे ‘मनोनीत’ उम्मीदवारों की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि पार्टी में एक गुट है जो नहीं चाहता कि पार्टी मजबूत हो। आजाद ने कहा,” हमारा इरादा कॉन्ग्रेस को सक्रिय और मजबूत बनाना है। लेकिन जिन लोगों को ‘अपॉइंटमेंट कार्ड’ मिले हुए हैं, वे हमारे प्रस्ताव का विरोध करते हैं। सीडब्ल्यूसी के सदस्य चुने जाने में क्या हर्ज है, जिनका पार्टी में तय कार्यकाल होगा।”
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