नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों के बीच शांतिपूर्ण समझौते को लेकर जापान ने शुक्रवार को उम्मीद जताई। साथ ही कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति बदलाव के लिए किए जाने वाले प्रयास का यह विरोध करता है।
पिछले माह गलवन घाटी में भारत-चीन के बीच हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने की घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए नई दिल्ली ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौजूदा हालात के बाबत जापान को जानकारी दी। भारत ने कहा कि चीनी सैनिक सीमा पर मौजूदा हालातों में एकतरफा बदलाव के प्रयासों के तहत हमला कर रहे हैं।
जापान के राजदूत सातोषी सुजुकी ( Satoshi Suzuki) ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया कि विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला से अच्छी बातचीत हुई। LAC पर जारी हालात के बारे में उन्होंने जो ब्रीफिंग दी वह सराहनीय है साथ ही भारत सरकार द्वारा शांति समझौते के लिए अपनाई गई नीति भी बेहतर है। जापान भी उम्मीद करता है कि वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण समाधान मिलेगा। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि यथास्थिति में बदलाव के लिए एक तरफा प्रयासों की भी जापान निंदा करता है।
LAC पर मई माह से ही तनाव जारी है। चीन और भारतीय सेना आपस में कई बार भिड़ चुके हैं। दोनों देशों के बीच यह तनाव पिछले माह 15 जून को उस वक्त बढ़ गई जब हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। हालांकि इस झड़प में चीन की ओर भी 43 जवान क्षतिग्रस्त हुए थे। इस तनाव को कम करने के लिए पिछले माह से अब तक दोनों देशों के बीच तीन बार बैठक हो चुकी है।
बता दें कि चीन और जापान के बीच पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीपों को लेकर विवाद है। दोनों देशों की ओर से इन द्वीपों पर दावा किया जाता रहा है। हालांकि ये द्वीप 1972 से जापान के हाथ में है।

