नई दिल्ली। पूरे देश में कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण फैलाने का आरोप झेल रहे तबलीगी जमात संगठन पर संकट बढ़ता दिख रहा है। राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में इसका मुख्यालय है । सूत्रों का कहना है कि यहां मरकज की इमारत का निर्माण कार्य नियमों का उल्लंघन कर किया गया था। इस मामले में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, मरकज की इमारत दो प्लॉट जोड़कर बनाई गई है। जबकि यह कुल 7 मंजिला इमारत है। जानकारी मिली है कि इस इमारत के सिर्फ दो फ्लोर का नक्शा पास है । साथ ही मरकज की इस इमारत का कभी हाउस टैक्स भी नहीं भरा गया।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मुताबिक पहले इस जगह सिर्फ एक मस्जिद थी और उसके बाद यहां पर एक मदरसा बनाया गया। लेकिन बाद में यहां पर तकरीबन 70 फ़ीसदी अवैध निर्माण करके मरकज की इमारत बनाई गई। इन विवादों के बीच जानकारी मिल रही है कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम इस इमारत से संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस इमारत के अवैध निर्माण को तोड़ने की तमाम कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
10 लोगों को लिया गया हिरासत में
दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात मरकज से भागे जमातियों को दिल्ली पुलिस का एक कॉन्स्टेबल बॉर्डर पार कराने की कोशिश कर रहा था।इस कॉन्स्टेबल को भी शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। बता दें, देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू है। इस बीच निजामुद्दीन इलाके के मरकज में तबलीगी जमात के हजारों लोग इकट्ठा हुए थे । ये देश के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों के थे। इन जमातियों में से कई कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं । जानकारी मिली है कि कई संदिग्ध अभी भी फरार हैं।
मौलान के वकील ने पुलिस के नोटिस का दिया जवाब
तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना मुहम्मद साद कांधलवी को दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी की थी। कांधवली के वकील ने शनिवार को पुलिस के नोटिस का जवाब दिया है। उनके वकील ने जरूरी दस्तावेजों को पेश करने के लिए समय मांगा है, क्योंकि लॉकडाउन के कारण कार्यालय और विभाग बंद है । बता दें, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तबलीगी जमात के नेता मौलाना साद कांधलवी समेत 7 लोगों को नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उनके खिलाफ लॉकडाउन के आदेशों का कथित तौर पर उल्लंघन कर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।


