नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के रविवार रात 9 बजे 9 मिनट के लिए बत्तियां बंद करने की अपील के बाद पावर ग्रिड को खतरे की आशंका के बीच ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इसका कोई असर नहीं होगा। सरकार ने इससे निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। दरअसल, कई राज्यों ने पत्र लिखकर अपने-अपने यहां पावर ग्रिडों को इस स्थिति से निपटने की तैयारी करने को कहा है।
पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक 9 मिनट के ब्लैकआउट से करीब 12 से 15 गीगावाट बिजली मांग में गिरावट आएगी। वहीं, विपक्ष ने मांग में अचानक कमी आने से ग्रिड को खतरा जताया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने शनिवार को पावर ग्रिड कारपोरेशन और ग्रिड संचालक पॉवर सिस्टम ऑपरेटर कारपोरेशन (पोसोको) के साथ बैठक कर ग्रिड पर बढ़ने वाले लोड, इससे होने वाले नुकसान और उससे निपटने की तैयारियों पर चर्चा की।
पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक इस दौरान 12 से 13 गीगावाट का भार पड़ेगा वो भी दो से चार मिनट तक और नौ मिनट बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। इससे निपटने के लिए मांग में गिरावट को हाइड्रो और गैस संसाधनों की मदद से नियंत्रित किया जाएगा। शाम 6:10 से रात 8 बजे तक हाइड्रो पावर उत्पादन कम कर दिया जाएगा।
सभी कोयला एवं गैस संचालित संयंत्रों को ऐसे चलाया जाएगा कि बिजली की मांग-आपूर्ति को नियंत्रित किया जा सके। केंद्रीय ऊर्जा सचिव संजीव नंदन सहाय ने कहा, सभी राज्यों और क्षेत्रीय पावर ग्रिड को आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम की जानकारी दी जाएगी। यूपी के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने राज्य की सभी पावर ग्रिडों को सतर्क रहने और जरूरी कदम उठाने की सिफारिश की है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल ने भी सभी पावर ग्रिडों को एसएलडीसी की सिफारिशों को लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड के सहायक निदेशक एमके माथुर ने कहा है कि नौ मिनट घर के सभी पंखे जरूर चलाए रखें।
यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (यूपीएसएलडीसी) का अनुमान है कि नौ मिनट लाइट बंद करने पर ग्रिड नेटवर्क पर लोड में कमी आ सकती है। अचानक आई कमी से यूपी व बाकी राज्यों सहित देश भर में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के ग्रिड नेटवर्कों पर हाईवोल्टेज की लहर बन सकती है।
