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कुशीनगर में पंचायती राज विभाग उड़ा रहा है शासन के नियमों की धज्जियां,गांव के रहने सफाई कर्मी को उसी गांव में कैसे मिली है तैनाती

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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन स्वच्छता अभियान को ग्रामीण क्षेत्र में बुरा हाल है। गाँवों में नियुक्त सफाईकर्मी नदारद रहते हैं। सफाईकर्मी अधिकारी व प्रधान की सेवा कर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। गन्दगी के कारण बिमारी का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोग बीमार होने लगे हैं,गाँवों में गन्दगी के अम्बार तो वहीं ग्रामीण सफाई कर्मी की शिकायत करने से डरे नजर आ रहे हैं।
 गौरतलब हो कि ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। गाँवों में नियुक्त सफाईकर्मी मनमानी पर उतारू हैं,जब मन करता है झाड़ू लगा देता हैं,मन नही करता तो महीनों तक गाँवों की ओर रूख नही करता है, पडरौना ब्लाक के सिधुवा-मिश्रौल ग्राम पंचायत हालात जांचे तो पाया कि यहां नियुक्त सफाईकर्मी गांवों में सफाई न करने अपने अधिकारी और प्रधान की जी हुजूरी में लगा रहता है।
बताते चलें कि पडरौना ब्लॉक के गांव सिधुवा-मिश्रौली में तैनात सफाई कर्मी केदार प्रसाद इसी ग्राम सभा का रहने वाला है.इस सफाई कर्मी के कारनामे को लेकर इसके व्यवहार के मामले में कई बार लोग ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से भी शिकायत कर चुके हैं.गांव में सफाई करने का तो यह सफाई कर्मी जल्दी नाम ही नहीं लेता है.अगर भूल से भी इस सफाई कर्मी से कोई गांव में गंदगी की सफाई को लेकर शिकायत कर दी तो उल्टे ही यह सफाई कर्मी उनसे ही अपने अनुसूचित जात होने को लेकर उलझ जाता है. इससे बचने के लिए गांव के ग्रामीण भी जल्दी सफाई कर्मी के खिलाफ शिकायत करने से डरते नजर आते हैं।
उधर सिधुवा-मिश्रौली गांव में तैनात सफाई कर्मी केदार प्रसाद के कारनामे को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप सोशल मीडिया पर हो रहे शिकायत का दौर अब तेजी से वायरल हो रहा है। ऐसे में इस गांव में तैनात सफाई कर्मी के मामले में सवाल उठाना भी लाजमी है.सवाल यह उठता है कि इसी गांव में का रहने वाला मूल रूप से निवासी केदार प्रसाद की विभागीय मिलीभगत व प्रधान के सहयोग से इसी गांव में सफाई कर्मी के पद पर तैनाती मिली हुई है.जबकि शासन की माने तो जिस गांव का मूल रूप से निवासी सफाई कर्मी को उस गांव में उसकी तैनाती नहीं मिल सकती है l  हालांकि सिधुवा-मिश्रौली गांव निवासी केदार प्रसाद बतौर पंचायती राज विभाग में राज्य कर्मचारी यानी सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है.इतना ही नहीं सफाई के नाम पर यह गांव में झांकने तक नहीं जाता है.और इसकी तैनाती भी देख लीजिए जिस गांव का रहने वाला है.विभागीय रहमोकरम पर उसके ही गांव में तैनाती इसे दे दी गई है। ऐसे में यह सफाई कर्मी अपनी मनमानी को लेकर इन दिनो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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