राष्ट्रीयपीएम मोदी – भारत की आजादी के आंदोलन को सदियों पहले से...

पीएम मोदी – भारत की आजादी के आंदोलन को सदियों पहले से चले आ रहे अनेक आंदोलनों से ऊर्जा मिली

[object Promise]

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रस्तावित 24 दिसंबर, गुरुवार को बंगाल के बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित करने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हो गए हैं।

[object Promise]
1921 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती देश का सबसे पुराना केंद्रीय विश्वविद्यालय भी है। मई 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा विश्व-भारती को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।
-पीएम मोदी बोले- भक्ति आंदोलन वो डोर थी जिसने सदियों से संघर्षरत भारत को सामूहिक चेतना और आत्मविश्वास से भर दिया। भक्ति का ये विषय तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक महान काली भक्त श्रीरामकृष्ण परमहंस की चर्चा ना हो। वो महान संत, जिनके कारण भारत को स्वामी विवेकानंद मिले। स्वामी विवेकानंद भक्ति, ज्ञान और कर्म, तीनों को अपने में समाए हुए थे। उन्होंने भक्ति का दायरा बढ़ाते हुए हर व्यक्ति में दिव्यता को देखना शुरु किया। उन्होंने व्यक्ति और संस्थान के निर्माण पर बल देते हुए कर्म को भी अभिव्यक्ति दी, प्रेरणा दी।

भक्ति आंदोलन के सैकड़ों वर्षों के कालखंड के साथ-साथ देश में कर्म आंदोलन भी चला। भारत के लोग गुलामी और साम्राज्यवाद से लड़ रहे थे। चाहे वो छत्रपति शिवाजी हों, महाराणा प्रताप हों, रानी लक्ष्मीबाई हों, कित्तूर की रानी चेनम्मा हों, भगवान बिरसा मुंडा का सशस्त्र संग्राम हो। अन्याय और शोषण के विरुद्ध सामान्य नागरिकों के तप-त्याग और तर्पण की कर्म-कठोर साधना अपने चरम पर थी। ये भविष्य में हमारे स्वतंत्रता संग्राम की बहुत बड़ी प्रेरणा बनी।

-पीएम बोले- जब हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं तो हमारे मन में सीधे 19-20वीं सदी का विचार आता है। लेकिन ये भी एक तथ्य है कि इन आंदोलनों की नींव बहुत पहले रखी गई थी। भारत की आजादी के आंदोलन को सदियों पहले से चले आ रहे अनेक आंदोलनों से ऊर्जा मिली थी।

-पीएम मोदी बोले- विश्वविभारती के 100 वर्ष होना प्रत्येक भारतीय के गौरव की बात है। मेरी लिए भी ये सौभाग्य की बात है कि आज के दिन इस तपोभूमि का पुण्य स्मरण करने का अवसर मिल रहा है। विश्वभारती की सौ वर्ष यात्रा बहुत विशेष है। विश्वभारती, मां भारती के लिए गुरुदेव के चिंतन, दर्शन और परिश्रम का एक साकार अवतार है। भारत के लिए गुरुदेव ने जो स्वप्न देखा था, उस स्वप्न को मूर्त रूप देने के लिए देश को निरंतर ऊर्जा देने वाला ये एक तरह से आराध्य स्थल है। हमारा देश, विश्व भारती से निकले संदेश को पूरे विश्व तक पहुंचा रहा है। भारत आज अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत आज इकलौता बड़ा देश है जो पेरिस समझौता के पर्यावरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के सही मार्ग पर है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि पीएम मोदी सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) हैं। यह देश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जिसके चांसलर प्रधानमंत्री होते हैं।

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 1921 में स्थापित विश्वभारती बीरभूम जिले में बोलपुर शहर के पास शांतिनिकेतन में स्थित सबसे पुराना केंद्रीय विश्वविद्यालय भी है। मई 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा विश्वभारती को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान घोषित किया गया था।विश्वभारती ने टैगोर की ओर से विकसित शिक्षण प्रणाली का अनुसरण किया है।

हालांकि धीरे-धीरे यह प्रारूप विकसित हुआ और यहां आधुनिक तौर-तरीकों से भी पढ़ाई शुरू हुई। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी इस अवसर पर उपस्थित लोगों में शामिल होंगे। बता दें कि अभी हाल में बंगाल के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी रविवार को विश्वभारती विश्वविद्यालय गए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय में करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय बिताया था। इस दौरान शाह ने टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

Related Articles

Popular Categories